Bhagalpur news सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विक्रमशिला महोत्सव का आगाज

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Dec 2024 2:04 AM

विज्ञापन

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शुक्रवार को तीन दिवसीय विक्रमशिला महोत्सव की शुरुआत हुई

विज्ञापन

असद अशरफी, कहलगांव

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शुक्रवार को तीन दिवसीय विक्रमशिला महोत्सव की शुरुआत हुई. डीएम ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि महोत्सव यहां अप्रैल में होता था. चुनाव के कारण नहीं हो पाया. महोत्सव का हमलोगों ने निर्णय लिया और कम समय में आयोजन हो रहा है. यह स्थल पर्यटन व सांस्कृतिक शिक्षा का केंद्र रहा है. आठवीं से बारहवीं शताब्दी तक विक्रमशिला शिक्षा का केंद्र रहा है. इसके विकास के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. यहां बनने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय में शीघ्रता शीघ्र छात्रों का नामांकन चालू होगा, इसकी प्रक्रिया जारी है. विवि के लिए भवन बनता रहेगा, तब तक पढ़ाई के लिए अलग से जगह की व्यवस्था की जायेगी. यहां विक्रमशिला व विवि को देखने लाखों पर्यटक, छात्र, विशेषज्ञ आयेंगे. बटेश्वर स्थान में गंगा पुल बनेगा. रेलवे से कटारिया जुड़ जायेगा. पीरपैंती में थर्मल पावर बनेगा. वंदे भारत ट्रेन इस क्षेत्र से पटना तक चले इसके लिए प्रयास किया जा रहा है. इस क्षेत्र का जल्द विकास होगा.

विधायक पवन कुमार यादव ने कहा कि यहां विकास के लिए काफी फंड मिला है. केंद्रीय विश्वविद्यालय का डीपीआर तीन माह में बन कर तैयार हो जायेगा. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. चार माह में प्रधानमंत्री यहां आयेंगे और केंद्रीय विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे. भागलपुर जिला में विकास के लिए सबसे ज्यादा फंड मिला है. 15 बड़ी योजनाओं पर काम होगा.

विधायक ई ललन कुमार ने कहा कि बिना फंड आवंटन के ही डीएम व यहां के अनुमंडल पदाधिकारी ने उधारी लेकर महोत्सव का आयोजन कराया है. यह प्रशासन के लिए तारीफ की बात है. फोर लेन, एनएच-80 का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है. भागलपुर से विक्रमशिला मिर्जाचौकी तक जल्द ही स्टेट बस सेवा चालू हो जायेगी. जिप उपाध्यक्ष प्रणव प्रसाद यादव उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि विक्रमशिला का अब तक अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है. हम चाहते हैं कि नालंदा की तर्ज पर विक्रमशिला का विकास हो. अंतिचक पंचायत की मुखिया ललिता देवी ने संशय प्रकट करते हुए कहा कि पता नहीं हमलोग विक्रमशिला विश्वविद्यालय को देख पायेंगे या नहीं. प्राचीन विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों की भी अभी तक पूरी तरह खुदाई नहीं हो पायी है.

कार्यक्रम में नूतन देवी, संजीव कुमार ने अपने विचार रखे. धन्यवाद ज्ञापन डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने किया. उद्घोषणा सुधीर कुमार पाण्डेय और शाशि प्रभा जायसवाल कर रहे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन