10 साल के भतीजे की चाचा ने दी थी नरबलि, चाचा व तांत्रिक दोषी करार

Updated at : 24 May 2024 10:58 PM (IST)
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10 साल के भतीजे की चाचा ने दी थी नरबलि, चाचा व तांत्रिक दोषी करार

10 साल के भतीजे की चाचा ने दी थी नरबलि, चाचा व तांत्रिक दोषी करार

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बच्चा नहीं होने पर तांत्रिक के चक्कर में फंस कर जघन्य घटना को दिया था अंजाम -पीरपैंती थाना क्षेत्र के बिनोबा टोला के रहनेवाले बच्चे की हुई थी हत्या पीरपैंती स्थित हुजूरनगर पंचायत के विनोबा टोला के रहने वाले सिकंदर रविदास के 10 वर्षीय बेटे कन्हैया की उसके चाचा ने नरबलि दे दी थी. बच्चे की चाहत में तांत्रिक के चक्कर में फंसकर चाचा व तांत्रिक ने मिल कर घटना को अंजाम दिया था. यह मामला काफी दिनों तक चर्चा में भी रहा था. घटना के बाद पांच सालों तक मामले में एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश दीपक कुमार की अदालत में चले मामले के दौरान शुक्रवार को सुनवाई पूरी की गयी. कोर्ट ने अपहरण का हत्या करने के आरोप में मृतक के चाचा शिवनंदन रविदास और तांत्रिक विलास मंडल को दोषी करार दिया है. मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि निर्धारित की गयी है. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एससी/एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक रमेश कुमार ने बहस में हिस्सा लिया. क्या था मामला, कैसे हुई थी घटना : पीरपैंती स्थित हुजूरनगर पंचायत के बिनोबा टोला के रहनेवाले सिकंदर रविदास के 10 वर्षीय बेटे कन्हैया को 27 अक्तूबर 2019 को दिवाली की रात ही उसके चाचा शिवनंदन रविदास ने पेड़ा खिलाने के लिए ले जाने के बहाने अपहरण कर लिया था. अगले दिन सुबह गांव के ही बांसबिट्टी में बच्चे का क्षत विक्षत शव मिला. शरीर पर कई जगहों पर धारदार हथियार से किये गये वार के निशान थे. गला और कलाई को रेता गया था और पेट भी फाड़ दिया गया था. पुलिस ने तत्काल मृत बच्चे की मां मीना देवी के फर्द बयान के आधार पर केस दर्ज किया. और घटना में संलिप्त चाचा शिवनंदन रविदास को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तांत्रित विलास मंडल को भी गिरफ्तार किया था. पुलिस हिरासत में आरोपित चाचा ने अपने जुर्म को स्वीकार कर बताया था कि एक सप्ताह पहले ही तांत्रिक के बहकावे में आकर दोनों ने दिवाली की रात एक बच्चे की नरबलि देने की साजिश रची थी. वह पहले गुजरात के एक कंपनी में गार्ड का काम करते थे. गुजरात जाने से पहले तांत्रिक ने पूजा के नाम पर 15 हजार रुपए लिये थे. छह माह बाद दुर्गापूजा में घर आये और तांत्रिक से कहा कि अब तक संतान नहीं हुआ. इस पर तांत्रिक ने कहा कि सिकंदर की पत्नी मीना देवी ने तुम्हारी पत्नी की कोख पलट दी है. अमावस्या की शाम में यदि उसके बेटे की बलि दे देगो तो शिवनंदन की पत्नी की गोद भी भर जायेगी. तांत्रिक के कहने पर भतीजे की बलि दे दी. इसके बाद खून का टीका लगा कर दोनों अपने-अपने घर चले गए. पुलिस ने मामले में शिवनंदन के घर से घटना में प्रयुक्त चाकू, कपड़े और भभूत बरामद किया था.

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