ePaper

वैश्वीकरण, निजीकरण व उदारीकरण की नीति विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मददगार

Updated at : 21 Apr 2025 7:53 PM (IST)
विज्ञापन
वैश्वीकरण, निजीकरण व उदारीकरण की नीति विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मददगार

बीएन कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन.

विज्ञापन

– बीएन कॉलेज में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ

वरीय संवाददाता, भागलपुर

बीएन कॉलेज में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ सोमवार से हुआ. सामाजिक विज्ञान संकाय की तरफ से यह आयोजन किया जा रहा है. वैश्वीकरण और संस्कृति पहचान: भारतीय समाज पर प्रभाव एवं चुनौतियां विषय रखा गया है.

सेमिनार का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए टीएमबीयू के कुलपति प्रो जवाहर लाल ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि वैश्वीकरण की शुरूआत 1990 के दशक में हुई. वर्ष 1991 में भारत सरकार ने आर्थिक सुधार के लिए वैश्वीकरण की नीति लागू की. इसका फायदा मिला, तो नुकसान भी हुआ. उन्होंने कहा कि तकनीक, संचार, परिवहन के विकास से वैश्वीकरण काे बल मिला. लेकिन इससे हमारी संस्कृति, रहन-सहन प्रभावित हुई.

उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण, निजीकरण व उदारीकरण की नीति विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में सहायक सिद्ध होंगे. लेकिन वैश्वीकरण का प्रभाव भारतीय संस्कृति पर काफी गहरा पड़ा है. ऐसे में विचार करने की जरूरत है कि अपनी सभ्यता व संस्कृति को अक्षुण्ण रखते हुए किस प्रकार विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा कर सकते हैं.

इससे पहले टीएमबीयू के पूर्व कुलपति प्रो अवध किशोर राय, प्रो केके सिंह, प्रो उग्र मोहन झा, प्रो बीएस झा, प्रो पवन कुमार झा, प्रो फारूक अली, प्रॉक्टर अर्चना साह ने संयुक्त से कार्यक्रम का उद्घाटन किया. वहीं, सेमिनार के संरक्षक प्रो अशोक कुमार ठाकुर ने विषय चुनाव और आज के परिवेश में इसकी महत्ता और आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला.

वहीं, पहले तकनीकी सत्र में ऑनलाइन माेड में जुड़े जापान के डॉ केंजी ताकेशी टोयो ने संस्कृति के आदान प्रदान खासतौर से महाभारत का अध्ययन करके जापान की संस्कृति पर इसके प्रभाव की चर्चा की. उन्हाेंने कहा कि बुद्धिज्म के प्रचार की वजह से भारतीय संस्कृति का जापानी समाज पर बहुत असर पड़ा है. रेव मिनुवानगोडा ने भारत और श्रीलंका की संस्कृति पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर बात रखी. दूसरे तकनीकी सत्र में कई वक्ताओं ने अपने पेपर प्रस्तुत किये. रिपाेर्टियर की भूमिका में मुशर्रफ हुसैन, कंचन सिंह, कुंदन कुमार व वासिकुल खैर ने थे. संयोजक डॉ इंदु कुमारी ने अतिथियों का स्वागत किया. इरशाद अली ने धन्यवाद ज्ञापन व मंच संचालन मीडिया प्रभारी फिरोज आलम ने किया. शिक्षक पिंकू कुमार आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
KALI KINKER MISHRA

लेखक के बारे में

By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन