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39 सालों से बुनकरों के दर्द को नहीं सुना जा रहा : बुनकर संघर्ष समिति

Updated at : 20 Jan 2026 12:46 AM (IST)
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39 सालों से बुनकरों के दर्द को नहीं सुना जा रहा : बुनकर संघर्ष समिति

चंपानगर स्थित मदनीनगर चौक के पास नीलमही मैदान में बुनकरों ने शहादत दिवस मनाया.

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चंपानगर स्थित मदनीनगर चौक के पास नीलमही मैदान में बुनकरों ने शहादत दिवस मनाया. इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी. 19 जनवरी 1987 को पुलिस की फायरिंग में बुनकर शशि कुमार, मो जहांगीर और गंगा प्रसाद की मौत हो गयी थी. उनकी याद में शहादत दिवस मनाया जाता है. सोमवार को आंगतुक अतिथियों, नेताओं समेत समिति के लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि कर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की. आमसभा को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष सह नगर निगम वार्ड सात के पार्षद मो नेजाहत अंसारी ने कहा कि 39वां बुनकर शहादत दिवस पर एकजुट होकर हम बुनकरों को संकल्प लेना होगा की जो सपना शहीद बुनकर के अधूरे रह गये, उन्हें हम पूरा करेंगे. 19 जनवरी 1987 से लेकर आज तक हम बुनकर अपनी बुनियादी समस्या को दूर करने की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. लेकिन 39 साल बीतने के बाद भी बुनकरों की एक भी मांग की पूरी नहीं की. भागलपुर सिल्क नगरी के नाम से पूरे विश्व भर में जाना जाता है. यह बुनकरों की बदौलत है. फिर भी सरकार हमेशा हम बुनकरों के साथ सौतेला व्यवहार करती है. बुनकर नेता मो अय्याज अंसारी ने अपने विचार रखे. निगम के डिप्टी मेयर डाॅ सलाउद्दीन अहसन ने कहा कि बुनकरों या उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार ने कभी कोई ठोस कदम नही उठाया. सदस्य सिकंदर आजम ने कहा कि बुनकरों द्वारा अभी भी 75% सब्सिडी काट कर 25% बिजली बिल का भुगतान किया जा रहा है. इसको गजट में लाकर सरकार बुनकरों का हौसला बढ़ाये. महासचिव मो अशफाक अंसारी ने कहा कि हम बुनकर परिवार एकजुट होकर बिजली विभाग के अधिकारियों को प्रीपेड मीटर लगाने से रोकेंगे. पहले वाला ही बिजली मीटर ही लगाना चाहिए. क्या हैं मुख्य मांगें संजय कुमार यादव ने बताया कि बुनकरों की मांगों में सबसे मुख्य मांग में बुनकरों के लिए अलग बिजली टैरिफ बनाना, बिजली बिल के भुगतान में 90 प्रतिशत सब्सिडी फिक्स, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत बुनकरों को बिना शैक्षणिक योग्यता के योजना का लाभ सुनिश्चित करना, पॉवरलूम बुनकर को बुनकर प्रमाणपत्र शिविर लगाकर सरल तरीके से देना, बुनकरों के उत्थान के लिए रोड मैप, बुनकरों के उत्थान के लिए सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित, बुनकरों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए एक उच्च विद्यालय की स्थापना, बुनकरों को एक सरकारी अस्पताल, बुनकर हाट की स्थापना एवं यार्न बैंक बुनकर क्षेत्र में खोलना आदि हैं. मौके पर सैफुल्लाह अंसारी, जुम्मन अंसारी, मेराुद्दीन, शांति दूत प्रमुख नीलम देवी, जॉनी, पार्षद जाबिर अंसारी आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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NISHI RANJAN THAKUR

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