bhagalpur news. मां लक्ष्मी के स्वागत में सजने लगा दिवाली का बाजार

Published by : ATUL KUMAR Updated At : 17 Oct 2025 1:34 AM

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मां लक्ष्मी के स्वागत में बाजार सजने लगा है. बाजार में दिवाली की रौनक अब दिखने लगी है.

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मां लक्ष्मी के स्वागत में बाजार सजने लगा है. बाजार में दिवाली की रौनक अब दिखने लगी है. मिट्टी का दीया, रंगोली, गणेश-लक्ष्मी प्रतिमा, चीनी के रंग-बिरंगे खिलौने, बही-खाता की दुकानें बाजार में फुटपाथ पर भी सजायी जा रही है, जबकि स्थायी दुकानें पहले ही सज गयी है. फुटपाथ की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो गयी है.

खरीदारी पर दिख रहा महंगाई का असर

गंगटी कुम्हार टोली के मिट्टी के दीये व कुप्पी विक्रेता प्रियव्रत ने बताया कि एलइडी के जमाने में दीया की रोशनी धुंधली पड़ने लगी है. धंधा पिछले वर्ष से मंदा है. महंगाई भी पीछा नहीं छोड़ रही है. लोग महंगाई से पहले से ही त्रस्त हैं. इस का असर दिवाली बाजार पर भी दिख रहा है. प्रतिमा दुकानदार परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि वर्षों से दिवाली पर खुद प्रतिमा बनाते हैं. अभी आमदनी कम है, लागत अधिक है. बावजूद रोजगार के अभाव में इसी में टिके हुए हैं. दूसरे प्रतिमा विक्रेता विक्रम ने बताया कि 30 साल से दिवाली के अवसर पर फुटपाथ पर अपनी दुकानें सजा रहे हैं. गंगा की मिट्टी की बनी प्रतिमा कोलकाता व बनारस से मंगायी जाती है. यहां पर 30 से पांच हजार रुपये की गणेश-लक्ष्मी की आकर्षक प्रतिमा उपलब्ध हैं. अधिकतर लोग 100 से 200 रुपये तक की प्रतिमा को पसंद कर रहे हैं, इसे दूसरे वर्ष विसर्जित करना पड़ता है. इसके अलावा आसन, माला आदि की बिक्री भी हो रही है. रंगोली दुकानदार श्याम कुमार ने बताया कि शतरंज व दीपक डिजाइन की रंगीन मोमबत्ती लोगों को खूब भा रहा है. लोग शुभ-लाभ व रंगोली की खरीदारी कर रहे हैं. चीनी खिलौना दुकानदार ने बताया कि चीनी के रंग-बिरंगे खिलौने 120 रुपये किलो में उपलब्ध है. इस बार चीनी का भाव स्थिर होने के कारण इसका भाव भी स्थिर है. वहीं धान के लावा का लड्डू 130 से 140 रुपये किलो बिक रहा है.

सपनों के घर जैसा है घरकुंडा

दीपावली पर घरकुंडा सजाने का शौक खासकर बच्चों में कम नहीं है. बच्चे अपने सपनों के घर की तरह घरकुंडा को पसंद कर रहे हैं. इतना ही नहीं बच्चे घरकुंडा की चाह में पिता के साथ घरकुंडा बेचने में उनका सहयोग कर रहे हैं. इस कारण शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर दुकानें सज चुकी है. थर्मोकोल के आकर्षक घरकुंडा बना कर छोटे बच्चे बेच रहे हैं. कोई शौक से अपने लिए घरकुंडा तैयार कर रहा है. अभी 100 से 500 रुपये तक के घरकुंडा बिक रहा है.

लाखों की बिकेगी बही-खाता

धनतेरस पर पांच लाख से अधिक के बही-खाता की बिक्री की संभावना है. दुकानदारों ने बताया कि सालों भर बही-खाता की बिक्री इक्का-दुक्का ही होती है, लेकिन धनतेरस पर बढ़ जाती है. स्टेशन चौक के समीप एक-दो दुकानें ऐसी है, जहां पर बही-खाता सालों भर मिलती है.

दिवाली के सामान का दाम

सनठी 10 से 15 रुपये मुट्ठा

मिट्टी का दीया 100 से 200 रुपये सैकड़ा

कुप्पी 200 से 250 रुपये सैकड़ा

कलश 20 से 50 रुपये पीस

गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति 30 से 5000

रंगोली 20 से 150 रुपये पीस

शुभ-लाभ 20 रुपये पीस

रंगीन मोमबत्ती 150 रुपये प्रति 10 पीस

फैंसी कैंडल झालर 200 से 600 रुपये पीस

चीनी खिलौना 120 रुपये किलो

बही-खाता 50 से 600 रुपये प्रति कॉपी

माला 20 से 100 रुपये पीस

प्रतिमा आसन 20 से 100 रुपये पीस

डिजाइनर दीप 40 से 200 रुपये पीस

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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