बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का फेसबुक हैक, फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को चूना लगाने का प्रयास, केस दर्ज

Updated at : 09 Feb 2025 11:06 PM (IST)
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बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का फेसबुक हैक, फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को चूना लगाने का प्रयास, केस दर्ज

बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का फेसबुक हैक, फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को चूना लगाने का प्रयास, केस दर्ज

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राजीव कांत मिश्रा के लिखित आवेदन पर खुद को सीआरपीएफ अफसर बताने वाला संतोष नामजद बिहार बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष सह शिक्षाविद राजीव कांत मिश्रा का फेसबुक हैक हो गया है. उनके प्रोफाइल का इस्तेमाल कर हैकर उनके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को प्रलोभन देकर साइबर ठगी का प्रयास कर रहे हैं. इस बात की जानकारी मिलने के बाद राजीव कांत मिश्रा ने तुरंत साइबर थाना से संपर्क किया और हैकर की तलाश कर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया. आवेदन के आधार पर साइबर थाना की पुलिस ने खुद को सीआरपीएफ पदाधिकारी बताने वाले संतोष नामक व्यक्ति के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश भी शुरू कर दी है. साइबर थाना को दिये गये आवेदन में राजीव कांत मिश्रा ने उल्लेख किया है कि फेसबुक अकाउंट हैक कर उन्हें परेशान किया जा रहा है. उनके फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों से पैसों की डिमांड भी हैकर के द्वारा की जा रही है. कुछ सामानों की फोटो भेज कर उनके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को प्रलोभन देने की कोशिश कर रहा है. उनकी आइडी से भेजे गये मैसेज में संतोष नामक व्यक्ति जोकि सीआरपीएफ अफसर है उसे उनका दोस्त बता रहा है. घर के सामानों को सस्ते दाम में बेचने का प्रलोभन देकर कई लोगों से पैसों की डिमांड भी कर चुका है. 2018 में डॉ हेमशंकर शर्मा और 2020 में डॉ प्रदीप सिंघानिया का हो चुका है फेसबुक हैक इससे पूर्व भी शहर के कई गणमान्य लोगों के फेसबुक प्रोफाइल हैक कर इसी तरह से लोगों को जरूरत बता या किसी प्रकार का प्रलोभन देकर उनके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों से पैसे ऐंठने का प्रयास किया जा चुका है. इसको लेकर वर्ष 2018 में शहर के चिकित्सक डॉ हेमशंकर शर्मा और वर्ष 2020 में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप सिंघानिया ने तिलकामांझी थाना में आवेदन देकर अज्ञात साइबर ठगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था. पर भागलपुर पुलिस अब तक उन मामलों का न तो खुलासा कर सकी और न ही हैकरों के बारे में कोई भी जानकारी निकाल सकी है. इस तरह के कई मामले शहर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं. जोकि अब तक लंबित हैं.

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