bhagalpur news. सिमरन का दोस्त जो बोलता रहा, वह करती गयी और पहुंच गयी सलाखों के पीछे

1.10 करोड़ की ठगी मामले में आरोपित पश्चिम चंपारण के मोतिहारी के हमुमानगढ़ी नकछेद टोला के रहने वाले संजय कुमार की पुत्री सिमरन के सपने बड़े थे. उसका प्रेमी आशीष, उसे जो बोलता गया वह करती गयी.
कहलगांव के बैंक मैनेजर से 1.10 करोड़ की ठगी मामले में आरोपित पश्चिम चंपारण के मोतिहारी के हमुमानगढ़ी नकछेद टोला के रहने वाले संजय कुमार की पुत्री सिमरन के सपने बड़े थे. यही कारण था, उसका प्रेमी आशीष, उसे जो बोलता गया वह करती गयी और अंत में वह सलाखों के पीछे पहुंच गयी. पुलिस अब आशीष की तलाश कर रही है. मंगलवार को साइबर थाना पुलिस ने सिमरन को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेजा गया है. सिमरन के भाई, मामा और मां रोते हुए उसे जेल तक छोड़ने पहुंची थी. पुलिस की मानें तो पूछताछ में सिमरन पूरी तरह से टूट गयी थी. उसे अपने किये का पछतावा था. वह कह रही थी, उसकी कोई गलती नहीं थी, हद से ज्यादा अपने दोस्त पर विश्वास किया. उसी के अनुसार चलती गयी. ऐसा नहीं कि सिमरन और उसके दोस्त के साथ नजदीकी के बारे में घरवालों को पता नहीं था. लेकिन घरवाले यह नहीं जानते थे कि सिमरन और उसका दोस्त कौन सा काम कर रहे हैं. जब सिमरन जेल जा रही थी तो उसके घरवाले उसके दोस्त को कोसते दिखे. सिमरन ने बेंगलुरु में रह कर डेटा साइंस की पढ़ाई की है. यह बात भी सामने आयी है कि सिमरने अपने दोस्त के साथ दिल्ली, जयपुर जैसे शहरों में रह कर अवैध फाइनेंशियल नेटवर्क चलाती थी. ग्राहकों को फंसा कर निवेश के लिए बाध्य करना था सिमरन का काम पुलिस छानबीन में बात सामने आयी है कि उक्त गिरोह कई लेयर में काम करता है. जिस लेयर में सिमरन काम कर रही थी, उसे साइबर अपराध की भाषा में व्हाईट कॉलर लेयर कहा जाता है. इस लेयर तक अक्सर पुलिस नहीं पहुंच पाती है. पुलिस साइबर क्राइम के मामले में ज्यादातर वैसे लोगों तक आसानी से पहुंचती है, जिनके मार्फत पैसे का ट्रांजक्शन हुआ रहता है. पुलिस से जानकारी आयी है कि सिमरन का काम व्हाटसएप, टेलीग्राम ग्रुप के जरिये ग्राहकों को मुनाफे वाला सब्जबाग दिखा कर निवेश के लिए बाध्य करना था. जब शिकार निवेश करने के लिए तैयार हो जाता था तो फिर दूसरे लेयर के साइबर बदमाश रकम की उगाही करने में जुट जाते थे. पुलिस का मानना है कि इस कांड में 10 से 12 अपराधी शामिल थे. अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पिछले वर्ष अगस्त से अक्तूबर माह में शेयर बाजार में निवेश का झांसा दे कर बैंक मैनेजर सरफराजुद्दीन से साइबर बदमाशों ने 1.10 करोड़ की ठगी कर ली थी. इसी मामले में सिमरन को गिरफ्तार किया गया है. 1.10 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपित सिमरन को जेल भेजा गया है. अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. कनिष्क श्रीवास्तव, साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष साइबर थाना, भागलपुर
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