ठंड का सितम घर से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक जारी है. इसका असर अस्पताल में भी देखने को मिल रहा है. मायागंज अस्पताल में कार्यरत सुरक्षा गार्ड बिट्टू यादव ठंड से इतनी हालत खराब हुई कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा. अन्य गार्ड ने उन्हें उठाकर फेब्रिकेटेड अस्पताल में भर्ती कराया. जांच में हाइ बीपी पाया गया. अन्य गार्ड ने कहा कि हार्ट संबंधी बीमारी की आशंका है. इलाज के दौरान हालत में सुधार हुआ. अन्य सुरक्षा गार्ड भी ठंड से बचाव को लेकर चिंतित नजर आये और अलाव की मांग उठायी. उन्होंने कहा कि अलाव की सुविधा मिलेगी तो यह स्थिति नहीं होगी. नगर निगम व अस्पताल प्रबंधन दोनों से अलाव के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की मांग की. वहीं ब्लोअर व हीटर के बीच चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का इलाज कर रहे हैं. दूसरी तरफ अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होती जा रही है. एक माह के अंदर मरीजों की संख्या 60 फीसदी तक घट गयी. रोज घटती ही जा रही है. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल की ओपीडी में सन्नाटा रहा. रजिस्ट्रेशन काउंटर में कभी लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ी. और न ही दवा काउंटर पर भी. मायागंज अस्पताल की ओपीडी में पांच जनवरी को 1619 मरीज पहुंचे थे, जबकि छह को 1436 और सात जनवरी को 1247 मरीज आये. आठ जनवरी को 1080 मरीज पहुंचे. मायागंज अस्पताल के हर वार्डों से लेकर रजिस्ट्रेशन काउंटर में ब्लोअर व हीटर की व्यवस्था की गयी है. अस्पताल प्रबंधन हो या निजी व्यवस्था, सभी तरह से ठंड से बचाव को लेकर स्वास्थ्यकर्मी, चिकित्सक व अन्य कर्मचारी सजग दिख रहे हैं. हेल्थ मैनेजर रोशन कुमार ने बताया कि ठंड व गर्मी दोनों मौसम में मरीजों व चिकित्सकों के लिए सुविधा बढ़ायी जाती है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

