– पिछले साल से कभी घर पर तो कभी अपने कथित वैद्यशाला बुला कर लगाते रहे लेप, करते रहे मालिश
– शाहजंगी मेला मैदान के पास रहने वाले लोकेश चंद्र झा और विशनपुर जिच्छो निवासी मनोज मंडल को बनाया आरोपित– पैसा ठगने के बाद भी एक साल तक जब नहीं हुआ असर तो की पड़ताल, निकले नकली वैद्य
संवाददाता, भागलपुर
नकली वैद्य बनकर एक साल तक रिटायर्ड जज के बेटे का इलाज करते रहे. पैर ठीक हो जाने की आश में अभिभावकों ने भी भरोसा किया. इसका फायदा उठा वैद्यों ने 5-5 लाख रुपये ठग लिये. एक साल बाद भी जब नहीं असर हुआ, तब जाकर आंख खुली. अपने स्तर से पड़ताल में ही नकली वैद्यों की ठग विद्या पकड़ ली गयी. मामले की शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों से करने के बाद मिले निर्देश पर जोगसर थाना की पुलिस ने शाहकुंड प्रखंड स्थित सजाैर थाना क्षेत्र निवासी जोकि वर्तमान में आदमपुर चौक के समीप रहने वाले रिटायर्ड जज सुनील कुमार मोदी की पत्नी अरुणा कुमारी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की है. जिसमें मूल रूप से बेगूसराय निवासी वर्तमान में शाहजंगी मेला मैदान के पास रहने वाले लोकेश चंद्र झा और विशनपुर जिच्छो निवासी मनोज मंडल को नामजद अभियुक्त बनाया है.स्टेशन पर फिसल कर गिरने पर लगी थी चोट
दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में आवेदिका अरुणा कुमारी ने उल्लेख किया है कि विगत 24 फरवरी 2024 को अपने बीमार पिता को देखने के लिए आते वक्त कोलकाता में रहने वाले उनके बेटे अनय दिव्यम भागलपुर स्टेशन पर फिसल गया था. जिसकी वजह से उसके बायें घुटने पर गहरी चोट आयी थी और वह चलने में असमर्थ हो गया था. किसी तरह अन्य लोगों के सहयोग से वह घर पहुंचा. काफी दवा चलाने के बाद भी जब उनके बेटे काे आराम नहीं मिला तो उन्होंने शाहजंगी मेला मैदान के समीप रहने वाले लोकेश चंद्र झा से संपर्क किया. जिसने बिशनपुर जिच्छो स्थित टोल प्लाजा के समीप अपना आरोग्य केंद्र चलाने वाले मनोज मंडल के सहयोग से बेटे को पूरी तरह स्वस्थ कर देने का दावा किया.कभी मरीज के घर पर, तो कभी टोल प्लाजा के पास आरोग्य केंद्र में किये मालिश
दोनों मिल कर कभी उनके घर पर कभी अपने आरोग्य केंद्र पर ले जाकर उनके बेटे के पैरों में किसी प्रकार का लेप लगा कर मालिश करते रहे और उनके बेटे के पैरों को सीधा करने का प्रयास करने लगे. इस दौरान उनके बेटे काे काफी पीड़ा भी होती थी. दोनों ने मिल कर कुछ यूपीआइ और कुछ नकद के माध्यम से 5-5 लाख यानी कुल 10 लाख रुपये उनसे ऐंठ लिये. बावजूद उनके बेटे की स्थिति ठीक नहीं हुई. नकली वैद्य ने यह भी कहा था कि उसके पास नई दिल्ली के सीईएनवाई (एस) नामक संस्थान की डिग्री भी है. पर जब दोनों की जांच करायी तो दोनों वैद्य फर्जी निकले.अभी दूसरे डॉक्टर से करवा रहे हैं इलाजपांच माह तक इलाज के बाद ठीक नहीं होते देख अन्य डाॅक्टर के पास ले जाकर पुत्र का इलाज कराये. अभी बेटे का इलाज चल ही रहा है, वह महाराष्ट्र में है. इस दाैरान मनाेज ने इलाज के नाम पर पांच लाख रुपये और लाेकेश ने भी पांच लाख रुपये ले लिये.
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