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Bhagalpur News. क्रिकेटर बनने के लिए ''''''''शॉर्टकट'''''''' नहीं, नियमित अभ्यास और फिटनेस जरूरी

Updated at : 01 Mar 2026 12:41 AM (IST)
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Bhagalpur News. क्रिकेटर बनने के लिए ''''''''शॉर्टकट'''''''' नहीं, नियमित अभ्यास और फिटनेस जरूरी

क्रिकेटर बनने के लिए मेहनत जरूरी.

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नेशनल क्रिकेट एकेडमी लेवल-टू कोच और बिहार सीनियर टीम के सहायक कोच संजय कुमार से ””””प्रभात खबर”””” की खास बातचीत

आरफीन जुबैर, भागलपुरक्रिकेट आज केवल एक खेल नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर शोहरत और कामयाबी का शिखर बन चुका है. युवा खिलाड़ी इस चकाचौंध को देख शॉर्टकट के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सफलता का रास्ता केवल कड़ा अनुशासन और मेहनत से होकर गुजरता है. यह बातें शनिवार को प्रभात खबर के साथ खास बातचीत में नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) लेवल-टू और बिहार क्रिकेट टीम के सहायक कोच संजय कुमार ने ””””प्रभात खबर”””” ने कही. वे मूल रूप से भागलपुर के सुरखीकल निवासी स्व हीरा लाल वर्मा के पुत्र हैं. बेटे की कामयाबी से मां राम पुकारी देवी काफी खुश हैं. भागलपुर से मैट्रिक, इंटर और मारवाड़ी कॉलेज से स्नातक किया. टीएमबीयू टीम से ईस्टजोन फाइनल तक का सफर तय किया था. खेल कोटे से नौकरी मिली. वर्तमान में मद्य निषेध विभाग में कार्यरत और सीएम सचिवालय में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त हैं.

संजय कुमार ने दिये कुछ सवालों के जवाब

सवाल : बिहार में क्रिकेट की प्रगति धीमी क्यों है?

कोच : इसका मुख्य कारण समय है. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) को 2018 में बीसीसीआइ से मान्यता मिली, जिससे करीब 16 साल का गैप आ गया. हालांकि अब काम तेजी से हो रहा है और सरकार भी गंभीर है, लेकिन पटना को छोड़कर भागलपुर जैसे शहरों में अब भी आधारभूत संरचना की कमी है. सवाल : भागलपुर के खिलाड़ी आइपीएल तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं?

कोच : खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर रहता है, जबकि वे फिटनेस को नजरअंदाज कर देते हैं. आइपीएल या टीम इंडिया के लिए फिटनेस और अनुशासन सबसे पहली शर्त है. सिर्फ 30 ओवर के मैच खेलकर आप ””””क्वालिटी क्रिकेटर”””” नहीं बन सकते. सवाल : टी-20 फॉर्मेट पर आपकी क्या राय है?

कोच : अंडर-19 से कम उम्र के खिलाड़ियों को टी-20 से बचना चाहिए. शॉर्टकट से कोई बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सकता है. भारतीय टीम के दिग्गज भी अपनी फिटनेस और नियमित अभ्यास के दम पर टिके हैं. युवाओं को कम से कम 40 ओवर वाले मैचों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उनकी बेसिक तकनीक और स्टेमिना मजबूत हो सके. सवाल : सैंडिस कंपाउंड में प्रशासनिक सहयोग कितना और क्या संभावनाएं देख रहे हैं.

कोच : भागलपुर के डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी के प्रयास सराहनीय हैं. सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम में क्रिकेट को लेकर बेहतर कार्य हो रहे हैं. भविष्य में यहां बीसीए के बड़े टूर्नामेंट आयोजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को सीधा लाभ मिलेगा. एक नजर में संजय कुमार की उपलब्धियां–संजय कुमार न केवल कोच हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व किया है.

–वर्ष 2002 में न्यूजीलैंड में आयोजित इंडोर क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के सदस्य रहे.

–बिहार सीनियर टीम के वर्तमान में सहायक कोच हैं.

–अंडर-19 बिहार टीम के पूर्व हेड कोच रहे.

–बिहार अंडर-25 टीम के सहायक कोच के रूप में सेवाएं.

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KALI KINKER MISHRA

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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