ePaper

TMBU में फेस्टिवल एडवांस को लेकर रजिस्ट्रार और कर्मचारी आमने-सामने, निलंबन की मांग के बाद आंदोलन की धमकी

Updated at : 16 Oct 2024 8:27 PM (IST)
विज्ञापन
TMBU

TMBU के रजिस्ट्रार ने पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दूर के कॉलेज को मुख्यालय बनाने के लिए वीसी को लिखा पत्र. जिस पर कर्मचारी संघ ने कहा कि पत्र वापस लें अधिकारी नहीं तो चरणबद्ध आंदोलन होगा

विज्ञापन

तिलकमांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) में फेस्टिवल एडवांस का विवाद गहरा गया है. रजिस्ट्रार व कर्मचारी आमने-सामने हो गये हैं. रजिस्ट्रार डॉ विकास चंद्र ने पांच कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने उन कर्मचारियों को निलंबित कर दूर-दराज के कॉलेज को मुख्यालय बनाने के लिए कुलपति को पत्र लिखा है. लिखा है कि उन कर्मचारियों द्वारा सरकारी कार्य को बाधित किया जाता है. सरकारी कार्य करना अब दुर्लभ हो गया है.

कर्मचारी संघ ने आरोपों को किया खारिज

उधर, विवि कर्मचारी संघ ने लगाये गये आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. संघ ने कहा कि रजिस्ट्रार अविलंब पत्र वापस लें. ऐसा नहीं करने पर विवि में चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा. संघ ने कहा कि रजिस्ट्रार के क्रिया-कलाप को लेकर जल्द ही विवि के कर्मचारी कुलाधिपति से मिलेंगे. उनके नौ माह के कार्यकाल के कार्यों के बारे में लिखित रूप से जानकारी दी जायेगी.

संघ ने रजिस्ट्रार पर लगाए कई आरोप

संघ के प्रवक्ता असीम कुमार ने रजिस्ट्रार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नौ माह के कार्यकाल में विवि प्रशासन ने उन्हें दो दर्जन से अधिकार बार शोकॉज किया है. साथ ही फाइल के निष्पादन नहीं करने पर हमेशा विवि में चर्चा के विषय बने रहे. रजिस्ट्रार अपने पद का ख्याल नहीं रखते हुए कुलपति से भी विवाद कर चर्चा में छाये रहे. विधान परिषद में सवाल पूछा जाता है. उसका जबाव विवि से जाता है, तो संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं.

सरकारी कार्य में बाधा सहित धक्का-मुक्की करने का कर्मचारियों पर लगाया है आरोप

रजिस्ट्रार डॉ विकास चंद्र ने कुलपति को दिये आवेदन में कहा कि विवि के कर्मचारी सरकारी कार्य में बाधा डालते हैं. गाली-गलौज कर धक्क-मुक्की तक करते हैं. एक अक्तूबर को विवि के गेस्ट हाउस में बड़ी संख्या में विवि के कर्मचारी मिलने आये थे. मांगों को मनवाने के लिए दबाव बना रहे थे. उस वक्त कोर्ट से संबंधित जरूरी काम कर रहा था लेकिन कर्मचारी दबाव बनाकर काम कराना चाहते थे. इसी क्रम में कर्मचारियों ने धक्का-मुक्की किया. 27 सितंबर को भी एफए कार्यालय में घुस कर हंगामा किया. इस तरह की घटना बार-बार हो रही है. आठ अक्तूबर को भी रजिस्ट्रार कार्यालय बंद कर दिया. रजिस्ट्रार ने आवेदन में विवि प्रेस के राजेश, विरेंद्र सिंह, संजय, पुष्पराज व रंजीत पर दबाव बनाने व धमकाने का आरोप लगाया है. उन कर्मचारियों को निलंबित कर दूर-दराज के काॅलेजों में मुख्यालय बनाये जाने के लिए लिखा है.

रजिस्ट्रार का कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं : कर्मचारी संघ

कर्मचारी संघ के प्रवक्ता असीम कुमार ने कहा कि रजिस्ट्रार कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं. रजिस्ट्रार जब से योगदान दिये हैं. किसी न किसी बात को लेकर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं. कुछ दिन पहले महिला कर्मी व दलित कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया था. इसे लेकर कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार के खिलाफ महिला थाना में लिखित शिकायत किया था. रजिस्ट्रार अपने पद की गरिमा को नहीं समझ पा रहे हैं. रजिस्ट्रार हंगामा को लेकर जिन-जिन तिथि का उल्लेख किया है. उस दिन रजिस्ट्रार अपने कार्यालय में नहीं थे. वो बताये उनका कार्यालय कहां है. कर्मचारियों को जरूरी काम आयेगा, तो मजबूरी में मिलने गेस्ट हाउस जाना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि फेस्टिवल एडवांस नहीं देना था, तो फाइल में स्पष्ट रूप से लिखकर आगे बढ़ाना था. उन्होंने मामले में कुलपति से मांग किया है कि रजिस्ट्रार द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच करायी जाये. ऐसा नहीं कर कार्रवाई की जाती है, तो एक पक्षीय कार्रवाई होगी. ऐसे में कर्मचारियों द्वारा आंदोलन किया जाता है, तो सारी जिम्मेवारी विवि प्रशासन की होगी. उधर, कर्मचारी संघ के महासचिव रंजीत कुमार ने कहा कि आरोप पूरी तरह निराधार है. रजिस्ट्रार अपनी कार्यशौली को छिपाने के लिए कर्मचारियों को टारगेट कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: Smart Meter: बिजली कटने की अब नहीं सताएगी चिंता, स्मार्ट मीटर का बैलेंस कम होते ही मिलेगा अलर्ट

पांच कर्मचारियों ने लिखा पत्र, रजिस्ट्रार के साथ काम करने में असहज

रजिस्ट्रार कार्यालय के ही पांच कर्मचारियों ने कर्मचारी संघ को आवेदन देकर कहा कि रजिस्ट्रार के साथ काम करने में असहज महसूस कर रहे हैं. रजिस्ट्रार द्वारा फाइल को लेकर प्रताड़ित किया जाता है. बात-बात पर उनलोगों को फटकार लगायी जाती है. ऐसे में उनलोगों का उस कार्यालय से दूसरे कार्यालय में तबादला कर दिया जाये.

तबीयत ठीक नहीं है. डॉक्टर ने ज्यादा बोलने से मना किया है. विवि में सारा कुछ ठीक हो जायेगा.

-डॉ विकास चंद्र, रजिस्ट्रार
विज्ञापन
Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन