भागलपुर के बिहपुर में घास के खेत में रोता मिला नवजात, बिट्टू मंडल ने कहा- "आज से यह मेरा बेटा",पूरे गांव में बंटी मिठाई

नवजात शिशु के साथ बिट्टू मंडल का परिवार | Prabhat Khabar Network
Bhagalpur News: भागलपुर के बिहपुर में घास के खेत से नवजात के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने एक मासूम को बचाया। बिट्टू मंडल नामक व्यक्ति ने बच्चे को गोद लेने का फैसला किया और उसका नाम आर्यन रखा। इस घटना ने इलाके में इंसानियत की मिसाल कायम की।
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड से इंसानियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. शुक्रवार सुबह एक घास के खेत से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी. जब ग्रामीण वहां पहुंचे तो घास के बीच एक मासूम जिंदगी लावारिस हालत में पड़ी मिली. यह दृश्य देखकर लोग स्तब्ध रह गए. लेकिन इसी घटना के बीच एक परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है. बच्चे को अपने घर ले जाने वाले बिट्टू मंडल ने उसे भगवान का प्रसाद बताते हुए कहा कि अब यह उनका बेटा है और उसका नाम आर्यन रखा जाएगा.
जहां एक ओर नवजात को खेत में छोड़ जाने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर इस मासूम को नया परिवार मिलने की खबर ने पूरे गांव में उम्मीद और मानवता की मिसाल कायम कर दी.
घास काटने गई महिला ने सुनी बच्चे के रोने की आवाज
घटना बिहपुर प्रखंड की बिहपुर दक्षिण पंचायत के सोनवर्षा गांव स्थित छर्रापाटी टोला के पीछे बहियार की है. शुक्रवार सुबह करीब सात बजे एक महिला अपने बेटे के साथ घास काटने गई थी. इसी दौरान उसे किसी नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी.
आवाज की दिशा में जाकर देखा तो घास के बीच एक नवजात शिशु पड़ा हुआ था. महिला ने बिना देर किए बच्चे को सुरक्षित उठाया और अपने घर ले आई. इसके बाद आशा कार्यकर्ता की मदद से नवजात को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
Bhagalpur News: डॉक्टरों ने बताया बच्चा स्वस्थ
अस्पताल में चिकित्सकों ने नवजात की जांच की. जांच के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य पाई गई. इसके बाद उसे वापस घर लाया गया, जहां उसकी देखभाल शुरू कर दी गई.
समय पर बच्चे को अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान सुरक्षित बच गई. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुछ देर और हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी.
"यह भगवान का आशीर्वाद है", बिट्टू मंडल ने अपनाया नवजात
नवजात को अपने घर लाने वाले बिट्टू मंडल ने कहा कि जिसने भी इस मासूम को छोड़ा हो, लेकिन उनके लिए यह बच्चा भगवान का आशीर्वाद है.
उन्होंने घोषणा की कि अब यह बच्चा उनके परिवार का हिस्सा रहेगा. परिवार ने उसका नाम आर्यन रखने का फैसला किया. इस खुशी में घर पर मिठाइयां भी बांटी गईं.
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गांव में उमड़ी लोगों की भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से लोग बिट्टू मंडल के घर पहुंचने लगे. हर कोई नवजात को देखने और परिवार के इस फैसले की सराहना करने पहुंचा.
ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में नवजात को इस तरह खेत में छोड़ देना बेहद अमानवीय है. हालांकि बिट्टू मंडल के परिवार ने जिस तरह उसे अपनाने का निर्णय लिया, उसने मानवता की एक नई मिसाल पेश की है.
फिलहाल नवजात सुरक्षित है. ऐसे मामलों में आमतौर पर पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़े विभाग भी कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की जांच करते हैं ताकि बच्चे की सुरक्षा और भविष्य से जुड़े सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जा सकें. फिलहाल इस घटना ने पूरे इलाके में संवेदनशीलता और इंसानियत की नई मिसाल पेश की है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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