Bhagalpur News: नालंदा की भांति विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय को मिलेगी नयी पहचान

Published by : SANJIV KUMAR Updated At : 29 Mar 2025 12:04 AM

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अंतीचक में प्रस्तावित विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की शुरुआत हो चुकी है.

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= राज्य सरकार से भूमि अधिग्रहण की मिल चुकी है मंजूरी, शीघ्र शुरू होगी प्रक्रिया : मुख्य सचिव

= सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने से स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ

प्रतिनिधि, कहलगांव

अंतीचक में प्रस्तावित विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की शुरुआत हो चुकी है. नालंदा की भांति विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय को भी नयी पहचान मिलेगी. राज्य सरकार से भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति भी मिल चुकी है. उक्त बातें शुक्रवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने अंतिचक पहुंचने पर कही. वे शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से भागलपुर से कहलगांव पहुंचे. मुख्य सचिव के साथ ही डीएम डाॅ नवल किशोर चौधरी व स्थानीय अधिकारियों की टीम अंतीचक गांव पहुंचे. जहां वे विक्रमशिला विश्वविद्यालय धरोहर के इतिहास से रूबरू हुए. विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय निर्माण से जुड़े नक्शे की गहनता से अवलोकन किया. कहलगांव के डीसीएलआर, सीओ एवं अमीन के द्वारा सेंट्रल युनिवर्सिटी की चयनित भूमि के सभी साइट्स के बारे में मुख्य सचिव को विस्तार से जानकारी दी गयी. मुख्य सचिव सेंट्रल यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए चयनित स्थल पर नहीं गये. उन्होंने भग्नावशेष स्थल से ही दूरबीन की सहायता से मुख्य स्तूप का अवलोकन किया.

215 एकड़ जमीन का किया जाएगा अधिग्रहण

मुख्य सचिव ने बताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए कुल 215 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जानी है. इस संबंध में सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट आने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने का कार्य भी साथ-साथ जारी है और अब निर्माण कार्य शीघ्र तीव्र गति से पूरा किया जाएगा.मुखिया ने कहा, योग्यता के आधार पर स्थानीय लोगों को मिले लाभमुख्य सचिव ने अंतीचक की मुखिया ललिता देवी से चर्चा की और भूमि को लेकर स्थिति की जानकारी ली. मुखिया ने बताया कि किसान अपनी जमीन देने को सहमत हैं, कोई विशेष समस्या नहीं है. हालांकि, किसानों ने मांग की है कि स्थानीय लोगों को योग्यता के आधार पर रोजगार में प्राथमिकता दी जाये. इस पर मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि यूनिवर्सिटी बनने से स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा और किसानों से सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सकारात्मक पहल के बाद अब विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नया आयाम मिलेगा और विक्रमशिला की ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने में सहायता मिलेगी.

विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन का लिया जायजा

मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा कहलगांव के बटेश्वर स्थान स्थित विक्रमशिला-कटरिया के बीच सड़क सह रेल पुल के एलायनमेंट को लेकर रेल प्रशासन के डिप्टी चीफ इंजीनियर राहुल कुमार व अभियंता रमण कुमार के साथ-साथ नक्शे का अवलोकन किया. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में राज्य सरकार से हरसंभव सहयोग रेल प्रशासन को मिलेगा. रेलवे इंजीनियर ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि बटेश्वर स्थान से पीरपैंती तक रेलवे की 208 एकड़ 30 डिसमील जमीन है. इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर ओपन हो गया है. इसमें 17 लोगों ने टेंडर डाला है. टेंडर होने के साथ ही काम शुरू हो जाएगा.

एनटीपीसी के माध्यम से बनाया जा सकता है मुक्तिधाम में शवदाह गृह

कुछ ग्रामीणों ने इस शैव स्थल की महत्ता को बताते हुए मुख्य सचिव से बटेश्वर स्थान किनारे मुक्ति धाम पर शवदाह गृह बनाने का आग्रह किया. इस पर मुख्य सचिव ने डीएम से कहा कि एनटीपीसी अपने सीएसआर फंड से विद्युत शवदाह गृह और सामान्य शवदाह गृह का निर्माण कराये. कहलगांव लौटने के क्रम में मुख्य सचिव ने बटेश्वर स्थान स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में पूजा-अर्चना भी की. मौके पर एसएसपी हृदयकांत, कहलगांव एसडीएम अशोक कुमार मंडल, डीसीएलआर सरफराज, एसडीपीओ कल्याण आनंद, एसडीपीओ टू डॉ अर्जुन गुप्ता, सीओ सुप्रिया, बीडीओ राजीव रंजन आदि मौजूद थे.

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