bhagalpur news. गुलाम सरवर उर्दू भाषा के लिए एक संस्था के समान
Author Atul kumar
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मुस्लिम एजुकेशन कमेटी के बैनर तले शनिवार को उर्दू भाषा के पैरोकार, सामाजिक जागरूकता के प्रतीक स्वर्गीय गुलाम सरवर की जयंती पर एमईसी हॉल में उर्दू दिवस मनाया गया
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मुस्लिम एजुकेशन कमेटी के बैनर तले शनिवार को उर्दू भाषा के पैरोकार, सामाजिक जागरूकता के प्रतीक स्वर्गीय गुलाम सरवर की जयंती पर एमईसी हॉल में उर्दू दिवस मनाया गया. इसमें साहित्यिक-शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य नयी पीढ़ी को उर्दू भाषा के सांस्कृतिक, साहित्यिक और बौद्धिक महत्व से परिचित कराना था, ताकि उर्दू के विकास के लिए एक नई वैचारिक चेतना को बल मिल सके. मौके पर मुंगेर विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो शाहिद रजा जमाल ने कहा कि गुलाम सरवर उर्दू के हितैषी ही नहीं थे, बल्कि एक सच्चे संघर्षशील कार्यकर्ता थे. उन्होंने उर्दू के प्रचार-प्रसार के लिए संगठित रूप से एक आंदोलन खड़ा किया. उनकी अथक मेहनत, दूरदृष्टि और सतत संघर्ष के परिणामस्वरूप बिहार में उर्दू को नई पहचान मिली. उर्दू पत्रकारिता को एक मजबूत दिशा प्राप्त हुई. कमेटी के महासचिव प्रो फारूक अली ने कहा कि गुलाम सरवर उर्दू भाषा के लिए एक संस्था के समान थे. इस अवसर पर हबीब मुर्शीद खां, अनीता कुमारी, महबूब आलम, जावेद खान आदि मौजूद थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियर मोहम्मद इस्लाम ने किया.
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