अगरपुर मौजा में 10.58 एकड़ भूमि की जायेगी अर्जित
भागलपुर में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डा निर्माण के लिए अगरपुर मौजा में 10.58 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जायेगा. जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से इस संबंध में प्रक्रिया तेज कर दी गयी है और 21 रैयतों की पहचान कर प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गयी है. चिह्नित भूमि वर्तमान में कृषि योग्य और उपजाऊ बतायी गयी है. भूमि अर्जन को लेकर राज्य एसआइए इकाई द्वारा सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन का अध्ययन कराया गया है. अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि परियोजना के क्रियान्वयन से स्थानीय क्षेत्र के सार्वजनिक संसाधनों जैसे शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल, श्मशान, कब्रगाह, चारागाह और खेल मैदान पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बस अड्डा निर्माण के लिए भूमि अर्जन से किसी प्रकार का विस्थापन नहीं होगा.
21 रैयत होंगे प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित
सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के दौरान प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित सर्वेक्षित रैयतों की संख्या 21 पायी गयी है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि प्रस्तावित भूमि राज्य या केंद्र सरकार द्वारा पहले से आवंटित किसी भूमि की श्रेणी में नहीं आती है. वर्तमान में इस भूमि का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया जा रहा है, जो रैयतों के लिए आजीविका का साधन है. जनसुनवाई और सर्वे के दौरान उपस्थित जन समुदाय ने अध्ययन को अनुमोदित करते हुए रैयतों की समस्याओं के समाधान के साथ परियोजना पर अपनी सहमति जतायी है.
कृषि एवं राजस्व अधिकारियों की गठित समिति ने सौंपी रिपोर्ट
कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की गठित समिति ने स्थल निरीक्षण के बाद अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्जन के लिए प्रस्तावित भूमि सिंचित और उपजाऊ है और परियोजना के लिए न्यूनतम आवश्यक क्षेत्र का ही चयन किया गया है. अन्य वैकल्पिक स्थानों पर भूमि अर्जन की संभावनाओं पर विचार किया गया, लेकिन उन्हें व्यवहार्य नहीं पाया गया. समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि आसपास प्रस्तावित भूमि के समतुल्य बंजर या शुष्क भूमि उपलब्ध नहीं है. अधिकारियों के अनुसार इस भूमि के अर्जन से लोक प्रयोजन की पूर्ति होगी और अंतरराज्यीय बस अड्डा निर्माण का रास्ता साफ होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

