गंगा का जलस्तर बढ़ते ही तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता, करोड़ों की कटावरोधी योजना अब भी अधूरी

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गंगा का जलस्तर बढ़ते ही तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता, करोड़ों की कटावरोधी योजना अब भी अधूरी

Bhagalpur News : मई के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश के साथ गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है, लेकिन कटाव प्रभावित इलाकों में सुरक्षा इंतजाम अब भी अधूरे हैं. करोड़ों रुपये की योजनाओं पर काम जारी है, फिर भी कई स्थानों पर सिर्फ बेस तैयार हुआ है. ऐसे में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है कि कहीं इस बार भी बाढ़ और कटाव भारी तबाही न मचा दे.

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गोपालपुर, भागलपुर से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर के गोपालपुर और इस्माईलपुर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. इसी बीच जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जा रहे कटाव निरोधी कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े बोल्डरों की जगह छोटे पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि कई महत्वपूर्ण स्थलों पर काम अब भी अधूरा पड़ा है.

तटवर्ती गांवों में बढ़ी बेचैनी

गोपालपुर प्रखंड के तिनटंगा करारी, सैदपुर, अभिया, डुमरिया समेत कई कटाव प्रभावित गांवों में गंगा का दबाव बढ़ने लगा है. हर वर्ष बाढ़ और कटाव का दंश झेलने वाले ग्रामीण इस बार भी सुरक्षा कार्यों की धीमी गति से चिंतित हैं. लोगों का कहना है कि मानसून सिर पर है, लेकिन कई जगहों पर जियोबैग लगाने और बोल्डर बिछाने का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है.

छोटे पत्थरों के उपयोग पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कटावरोधी कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप बड़े और मजबूत बोल्डरों के बजाय छोटे आकार के पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है. उनका कहना है कि गंगा की तेज धारा आने पर ऐसे पत्थर आसानी से बह सकते हैं, जिससे करोड़ों रुपये की योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है.

सैदपुर दुर्गा मंदिर और ब्रह्मोत्तर बांध पर बढ़ी चिंता

सैदपुर दुर्गा मंदिर, ब्रह्मोत्तर बांध और आसपास के इलाकों को लेकर लोगों की चिंता सबसे ज्यादा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ सुरक्षा कार्य पूरा नहीं किया गया तो बरसात के दौरान गांवों, कृषि भूमि और संपर्क सड़कों को भारी नुकसान हो सकता है.

सौ करोड़ की योजना पर अब तक अधूरा काम

जानकारी के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर स्पर संख्या सात से नौ तक लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से सीट पाइलिंग, बोल्डर क्रेटिंग, मिट्टी भराई और तटबंध पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है. वहीं ज्ञानी दास टोला और झल्लू दास टोला में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से कटाव निरोधी कार्य कराया जा रहा है. बावजूद इसके कई स्थानों पर अभी तक केवल बेस निर्माण का कार्य ही पूरा हो पाया है और बोल्डर क्रेटिंग का एक भी लेयर नहीं बिछाया गया है.

विभाग ने एजेंसी को दी चेतावनी

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि दोनों परियोजनाओं पर कार्यरत एजेंसियों को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि कार्य में लापरवाही बरती गई तो विभागीय नियमों के तहत एजेंसी को चेतावनी, जुर्माना और काली सूची में डालने की अनुशंसा जैसी कार्रवाई की जाएगी.

समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो बढ़ सकता है खतरा

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच अधूरे कटावरोधी कार्य तटवर्ती गांवों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और सभी लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कराने की मांग की है, ताकि संभावित बाढ़ और कटाव से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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Amit Kr Sinha

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By Amit Kr Sinha

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