bhagalpur news. रंगमंच पर 18 अप्रैल को दिखेगी तीन सीनियर सिटीजन के जीवन की पहली अदाकारी

Published by :NISHI RANJAN THAKUR
Published at :16 Apr 2026 12:18 AM (IST)
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bhagalpur news. रंगमंच पर 18 अप्रैल को दिखेगी तीन सीनियर सिटीजन के जीवन की पहली अदाकारी

संबंध भागलपुर की ओर से 18 अप्रैल को टाउन हॉल में रांग टर्न नाटक का मंचन होगा.

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संबंध भागलपुर की ओर से रितेश रंजन निर्देशित नाटक रांग टर्न का टाउन हॉल में होगा मंचन

संबंध भागलपुर की ओर से 18 अप्रैल को टाउन हॉल में रांग टर्न नाटक का मंचन होगा. सबसे बड़ी विशेषता है कि तीन सीनियर सिटीजन की जीवन की पहली अदाकारी रंगमंच पर दिखेगी. रंजीत कपूर रचित नाटक का निर्देशन भागलपुर के ही एनएसडी पासआउट रितेश रंजन कर रहे हैं. संगीत मृडाणी एवं प्रॉपर्टी- प्रेमसागर, महानंद, वस्त्र विन्यास -अर्चना कुमारी का होगा. रितेश रंजन ने बताया कि जब लोग रंगमंचीय प्रस्तुति खासकर नाटक को देखना कम पसंद कर रहे हैं, वैसी स्थिति में सीनियर सिटीजन को नाटक का मंचन करने के लिए प्रेरित करना चुनौती रहा. इसमें तीन ऐसे किरदार हैं, जिसमें तीन सीनियर सिटीजन को सेट किया गया, जो जीवन में पहली बार नाटक में अदाकारी करेंगे. प्रणव कुमार सिन्हा एसएस रेलवे भागलपुर में कार्यरत हैं, जो कि जून में रिटायर होंगे. 62 वर्षीय संजीव कुमार दीपू इप्टा भागलपुर के सचिव रह चुके हैं. लेकिन कभी मंच पर नाटक का मंचन नहीं किया. उन्होंने कहा कि नाटक के साथ लंबे समय से जुड़े रहे. विशेषज्ञता हासिल की, लेकिन खुद प्रस्तुति नहीं दी. पहली बार अभिनेता के तौर मंच साझा करेंगे. यह एक अलग अनुभव होगा. 65 वर्षीय निरुपम कांतिपाल का कहना है कि इस उम्र में मंच साझा करना अभिनेता के तौर पर अपने आप में एक चैलेंज है. बहुत ही सुंदर अनुभव है. हालांकि नाटक से जुड़ाव छात्र जीवन से रहा. 55 वर्षीय कथक गुरु मिथिलेश कुमार सिंह शिक्षक हैं. 40 साल से अभिनय व नृत्य से जुड़े रहे. कभी नाटक में अभिनेता के रूप में काम करने का मौका नहीं मिला. अभिनेता के रूप मे काम करके बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.

यूथ में भी अभिनय के प्रति दिखा रुझानयूथ में अभिनय के प्रति रुझान कम नहीं है. अभिनय का नशा सिर चढ़कर बोल रहा है. दीक्षा पिछले कई साल से कथक कर रही है. नाटक पहली बार किया. एक अलग तरीके का अनुभव और काम सीखने को मिला. आस्था कुमारी ने कहा कि अभिनय करने का बचपन से ही शौक रहा और मन भी, लेकिन कभी मौका नहीं मिला. इस बार नाटक रांग टर्न करने के दौरान मंच की बारीकी को समझा. आलोक कुमार पेशे से शिक्षक, कई सालों से तबला वादन कर रहे हैं. लेकिन कभी भी नाटक करने कर मौका नहीं मिला. पहली बार अभिनय का मौका मिला.

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