17.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Bhagalpur News: बढ़ते शहरीकरण के कारण गोरैया के रहने व खाने पर आफत

हमारे घर आंगन में फुदकने व चहकने वाली नन्हीं चिड़िया गोरैया के संरक्षण के लिए हर वर्ष 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है

विश्व गोरैया दिवस

– नन्हीं चिड़िया के संरक्षण के लिए हर वर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है गोरैया दिवस

वरीय संवाददाता, भागलपुर

हमारे घर आंगन में फुदकने व चहकने वाली नन्हीं चिड़िया गोरैया के संरक्षण के लिए हर वर्ष 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है. गोरैया की तेजी से घटती आबादी को लेकर लोगों में इसके संरक्षण को लेकर कदम उठाने की जरूरत है. कभी जिले के गंगातट पर उगे झुरमुटों व गांव पंचायतों में झुंड में दिखने वाली गोरैया की चहक अब कम सुनायी पड़ती है. इसकी कम होती संख्या से हम पर्यावरण के असंतुलन को आसानी से समझ सकते हैं. कीट पतंगों व अनाज के दानों को खाकर यह वातावरण को स्वच्छ रखती है. लेकिन बढ़ते शहरीकरण के कारण गोरैया के आवास व खाने पर आफत आ गयी है.

इंसानों से गोरैया का करीबी रिश्ता रहा है

मामले पर जीव विज्ञानी व जेपी विवि छपरा के पूर्व कुलपति डॉ फारुक अली बताते हैं कि इस दिवस की शुरुआत 2010 में भारत की नेचर फॉर एवर सोसाइटी ने की थी. इंसानों से गोरैया का करीबी रिश्ता रहा है लेकिन अब भवन निर्माण के दौरान इनके रहने के लिए वेंटिलेटर नहीं छोड़ते हैं. गोरैया अपने घोंसला को बनाने के लिए कभी भवनों के वेंटिलेटर, छप्परों के बांस व पेड़ों के छेद का इस्तेमाल करती थीं. गोरैया अपने घोंसले को बनाने में दूब के तिनके का प्रयोग बहुतायत मात्रा में करती हैं लेकिन अब शहरों में दूब दिखती नहीं है. कभी झुंड में हर जगह दिखने वाली गोरैयाें की संख्या में लगातार कमी आ रही है.

100 से अधिक गोरैया को कर रहे संरक्षित

शहर के मुंदीचक निवासी व गंगाप्रहरी दीपक कुमार बीते कई वर्षों से गोरैया के संरक्षण का कार्य कर रहे हैं. अपने घर में इन्होंने गोरैया के लिए 100 से अधिक कृत्रिम घोंसलों को लगाया है. इनमें से 50 से अधिक घोंसलों में 125 से अधिक गोरैया रह रही हैं. दीपक ने बताया कि उनके इस प्रयास से मुहल्ले में गोरैया की संख्या बढ़ी है. दीपक ने आमलोगों से अपील कि वह अपने घरों में कृत्रिम घोसला लगाकर गोरैया को आमंत्रित करें. घोसलों का आकार वैज्ञानिक विधि से तैयार हो. इसमें इसके अंडे व बच्चे सुरक्षित रहें. साथ ही कौआ जैसे पक्षियों व बिल्लियों से इसकी सुरक्षा भी हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel