बीमा क्लेम लेने के लिए जालसाजी के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. बरारी थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस उन सभी डॉक्टरों से पूछताछ करेगी, जिनका प्रिस्क्रिप्शन बीमा कंपनी को सौंपा गया था. यह प्रिस्क्रिप्शन पैथोलॉजिस्ट दंपति द्वारा अपनी बच्ची के इलाज के नाम पर प्रस्तुत किए गए थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, पैथोलॉजिस्ट शिवशंकर शर्मा और उनकी पत्नी मंजू शर्मा ने बच्ची के इलाज से जुड़े जिन चिकित्सकों के दस्तावेज बीमा कंपनी को दिए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी. इसके साथ ही मंजू शर्मा द्वारा स्वयं के इलाज को लेकर जिस महिला डॉक्टर के नाम से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, उस डॉक्टर का भी बयान दर्ज किया जाएगा. जांच के क्रम में पुलिस आस्था मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सकों से भी पूछताछ करेगी. पुलिस का कहना है कि बच्ची के इलाज और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने को लेकर इसी अस्पताल का नाम सामने आया है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है. गौरतलब है कि बीमा कंपनी की शिकायत पर पैथोलॉजिस्ट दंपति के खिलाफ बीमा क्लेम के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है. पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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