जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को स्टेशन चौक पर मनरेगा का नाम एवं स्वरूप में हेरफेर को लेकर एक दिवसीय उपवास एवं धरना दिया. मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष इंजीनियर परवेज जमाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उद्योगपति मित्रों को मालामाल करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. मौका देख कर मजदूरों को भूखे मरने की तैयारी हैं. अपने मित्रों की मशीनों को मजदूरों की जगह काम देकर एवं उनकी हकमारी कर उद्योगपतियों की तिजोरी को भरने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका ग्रामीण किया है. धरातल पर आ ही नहीं सकती, क्योंकि मनरेगा में केंद्र सरकार के राशि की भागीदारी 80 फीसदी थी. इसे घटाकर 60 फीसदी कर दी गयी है. जबकि राज्य सरकारों के 20 फीसदी राशि को बढ़ा कर 40 फीसदी कर दी गयी है. परवेज जमाल ने कहा कि गैर भाजपाई राज्य, जो कर्ज के बोझ से दबे हैं और जिन्हें केंद्र सरकार जीएसटी का शेयर भी नहीं दे रही है. योजना का क्रियान्वयन नहीं होने पर सारा ठीकरा राज्य सरकारों पर ही फोड़ने की साजिश चल रही है. कहा कि मनरेगा का नया नाम एवं नीति के विरोध में कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी उपवास एवं धरना की कड़ी में भागलपुर में भी एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम किया गया. मौके पर अरुण कुमार बिंद, कुमार आशुतोष राजेश, डॉ जीपी साह, अनामिका शर्मा, प्रमोद मंडल, गिरिधर राय, अख्तर हुसैन, इम्तियाज खान, अंबर ईमाम, मनमोहन जोशी, सौरभ पारीख , नूरी खातून, हमजा खान, फहद अहमद, तौसीफ खान, ब्रिज भूषण झा, निसार अंसारी, शाहनवाज हुसैन आदि मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

