– फगुआ के रंग में रंगा बाजार, हर्बल रंग व देसी पिचकारी की बढ़ी मांग
वरीय संवाददाता, भागलपुर
शहर होली के मूड में आ गया है. होली के गाने एनएच व अन्य सड़कों पर गाड़ियों में बजने लगी है. इस बार शहर के लोग मोदी व योगी के फेस वाले पिचकारी से रंग खेलते नजर आयेंगे. शहर के बाजारों में होली को लेकर पिचकारी भी सज गये हैं. अभी से लोग पिचकारी खरीद कर रखने लगे हैं. होली को यादगार बनाने के लिए बच्चों और युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है. शहर से लेकर गांवों तक लोगों पर फगुआ का रंग चढ़ने लगा है. बाजारों में तरह-तरह के रंग व पिचकारी, तो कहीं बच्चों के लिए डिजाइनर धोती-कुर्ता सेट दुकानों में लगे हैं. वहीं, किराना दुकानदारों की मानें, तो होली में मेवा में काजू, किशमिश, छुहारा, सूखा नारियल का गोला व मूंगफली आदि की विशेष बिक्री होती है. शहर के खलीफाबाग, वेराइटी चौक, तिलकामांझी चौक आदि के कई दुकानदारों ने बताया कि इस बार मोदी, योगी के साथ फरसा व हथौड़ा व पिचकारी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. इसके अलावा पाइप गन व पिट्ठू, स्टील पाइप गन, टू इन वन फॉग प्रेशर पिचकारी सहित अन्य पिचकारी बच्चों को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं.कई दुकानों में हर्बल गुलाल हैं, तो कई जगहों पर खुला रंग मिल रहा
शहर के कई दुकानदारों ने बताया कि केमिकल युक्त गुलाल व रंग से हो रही हानि को देखते हुए लोग हर्बल गुलाल की अधिक मांग कर रहे हैं. बाजार में विभिन्न कंपनियों के हर्बल गुलाल उपलब्ध हैं. हालांकि बाजार में लाल, जंगाली जिसे हरा रंग भी कहते हैं काला रंग, पीला रंग सहित कई प्रकार के घोल वाले रंग भी बिक रहे हैं. आरारोट से बने अबीर व जनरल गुलाल उपलब्ध है. वहीं वैसे लोग जो स्प्रे से होली खेलने के शौकीन हैं, बदलते समय के साथ होली मनाने के तौर-तरीके में बदलाव आया है. इसे देखते हुए अब तो रंग-गुलाल में भी काफी बदलाव आ गया है. डिजिटल युग में यूट्यूब व व्हाट्सएप ने जब से हर्बल रंग अबीर का ट्रेंड प्रस्तुत किया, नई पीढ़ी हर्बल अबीर का डिमांड करने लगी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

