ePaper

भागलपुर में विवाहिताओं ने दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए किया हरियाली तीज व्रत

Updated at : 07 Aug 2024 9:44 PM (IST)
विज्ञापन
भागलपुर में विवाहिताओं ने दांपत्य जीवन की खुशहाली के  लिए किया हरियाली तीज व्रत

Bihar News: सावन शुक्ल पक्ष तृतीया पर बुधवार को शहर के शिवालयों बूढ़ानाथ, शिव शक्ति मंदिर, कुपेश्वरनाथ, गोपेश्वरनाथ, भूतनाथ, मनसकामना नाथ व घर-घर विवाहिताओं ने दांपत्य जीवन की खुशहाली व कुंआरी कन्याओं ने योग्य वर के लिए हरियाली तीज का व्रत रखा.

विज्ञापन

Bihar News: सावन शुक्ल पक्ष तृतीया पर बुधवार को शहर के शिवालयों बूढ़ानाथ, शिव शक्ति मंदिर, कुपेश्वरनाथ, गोपेश्वरनाथ, भूतनाथ, मनसकामना नाथ व घर-घर विवाहिताओं ने दांपत्य जीवन की खुशहाली व कुंआरी कन्याओं ने योग्य वर के लिए हरियाली तीज का व्रत रखा. इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की.

मान्यता है कि यह पार्वती की लंबी तपस्या के बाद दिव्य युगल के मिलन का उत्सव है. इस दिन, महिलाएं देवी पार्वती की पूजा करती हैं और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं. माना जाता है कि हरियाली तीज से मानसून का मौसम भी शुरू होता है, इसलिए इसका नाम हरियाली है.

मंगलवार की शाम शुरू हुआ व्रत बुधवार की रात में संपन्न हुआ

व्रतियों ने मंगलवार को संध्या में यह व्रत शुरू की और बुधवार को रात्रि 10 बजे समापन हुआ. हरियाली तीज पर तीन शुभ योग का संयोग था. बुधवार को तीज के दिन परिघ योग, शिव योग और रवि योग बना. शिव योग गुरुवार को पारण तक रहेगा. शिव योग में भोलेनाथ की उपासना का दोगुना फल मिलता है. व्रती सरिता देवी ने बताया कि हरियाली तीज के व्रत में सात्विक तरीके से जूस या फलाहार ग्रहण किया. इसमें नारियल पानी, नींबू पानी, मौसमी का जूस, अनार का जूस ग्रहण की. इसके अलावा ड्राई फ्रूट बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू और किशमिश जैसे कुछ ड्राई फ्रूट्स लिया.
भगवान शिव और माता गौरी की प्रतिमा स्थापित कर की पूजा

ये भी पढ़े: बगहा में जदयू प्रखंड अध्यक्ष की हत्या, दाढ़ी बनवाते समय सिर में मारी गोली

निर्जला व्रत रहती है महिलायें

महिलाओं ने हरियाली तीज पर सुबह जगकर स्नान किया और व्रत का संकल्प लिया. इसके बाद पूजा के लिए चौकी पर भगवान शिव और माता गौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की. पूजा में सबसे पहले घी का दीपक प्रज्वलित की. पूजा में कुमकुम, चंदन और फूल आदि अर्पित की. इसके बाद माता गौरी को हरी चूड़ियां अर्पित की गयी. मेवे, मिठाई और फल सहित अन्य भोग लगाया गया. अंत में हरियाली तीज की कथा श्रवण की. इसके बाद आरती की. इस दिन व्रती महिलाएं शाम तक निर्जला व्रत रखी. संध्या में पूजा के बाद व्रत का प्रसाद ग्रहण की.

विज्ञापन
Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन