PM Awas Yojana की गति धीमी होने पर 10 BDO के खिलाफ बड़ा एक्शन, शोकॉज जारी

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 18 Feb 2025 9:17 PM

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प्रधानमंत्री आवास योजना

PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना (वित्तीय वर्ष 2024-25) की समीक्षा 15 फरवरी को की गयी थी. पाया गया कि स्वीकृति दिये गये लाभुकों का एफटीओ निर्माण कराया जाना असंतोषप्रद है.

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PM Awas Yojna: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति असंतोषजनक पाये जाने पर उपविकास आयुक्त ने जिले के 10 बीडीओ का वेतन रोक दिया है. इन्हें शोकॉज भी किया गया है. जिन पर कार्रवाई हुई है उनमें सुलतानगंज, पीरपैंती, खरीक, बिहपुर, शाहकुंड, गोपालपुर, नारायणपुर, सबौर, इस्माइलपुर व नवगछिया के बीडीओ शामिल हैं. पीरपैंती, गोपालपुर, सबौर व इस्माइलपुर में एफटीओ निर्माण की प्रगति शून्य है. साथ ही सुलतानगंज में चार, खरीक में चार, बिहपुर में एक, शाहकुंड में तीन, नारायणपुर में दो और नवगछिया में तीन एफटीओ निर्माण कराया गया है. बैठकों में बार-बार निर्देश के बावजूद यह स्थिति है. समर्पित किये जाने वाले स्पष्टीकरण पर उचित निर्णय होने और अगले निर्देश तक के लिए इनका वेतन स्थगित कर दिया गया है.

नौ प्रखंडों में स्वीकृति का प्रस्ताव पेंडिंग

प्रधानमंत्री आवास योजना में चार प्रखंडों में स्वीकृति का प्रस्ताव पेंडिंग रखा गया है. मामले में डीडीसी ने सुलतानगंज, पीरपैंती, खरीक, नाथनगर, कहलगांव, रंगरा चौक, बिहपुर, शाहकुंड व गोपालपुर के बीडीओ का वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण किया है. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (वित्तीय वर्ष 2024-2025) की समीक्षा में पाया गया कि सुलतानगंज में 682, पीरपैंती में 265, खरीक में 241, नाथनगर में 229, कहलगांव में 220, रंगरा चौक में 211, बिहपुर में 197, शाहकुंड में 138 व गोपालपुर में 114 लाभुकों के आवास की स्वीकृति का प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाना लंबित है.

बीडीओ नहीं दे रहे स्पष्टीकरण का जवाब

बिहार निःशक्तता पेंशन के सर्वाधिक आवेदन लंबित रखे जाने के मामले में मांगे गये स्पष्टीकरण का उत्तर बीडीओ द्वारा नहीं दिया जा रहा है. इस पर डीडीसी ने सबौर, सन्हौला, नाथनगर, जगदीशपुर व पीरपैंती के बीडीओ के इस कृत्य को अनुशासनहीन बताते हुए पत्र भेजा है. जगदीशपुर व नाथनगर के बीडीओ के स्पष्टीकरण का उत्तर सामान्य श्रेणी का बताया गया है. पीरपैंती बीडीओ द्वारा आवेदन लंबित नहीं रहने के संबंध में प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, लेकिन साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है. सबौर व सन्हौला बीडीओ द्वारा स्पष्टीकरण का उत्तर समर्पित ही नहीं किया गया है. समर्पित किये जानेवाले स्पष्टीकरण पर उचित निर्णय होने व अगले आदेश तक के लिए वेतन स्थगित कर दिया गया है.

कुमार के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व बिहार में सड़क नजर नहीं आ रही थी. पूरे बिहार में एक ही पुल मोकामा घाट का था, वर्तमान में नीतीश कुमार के कार्यकाल में एक नहीं अनेकों पुल का निर्माण कराया गया है. सीएम ने बिहार का नक्शा बदल दिया है. एनडीए में पांडव की जोड़ी लगी है, जो बिहार का इतिहास बदल देगा. उन्होंने नफरत के नाम पर ना सियासत के नाम नहीं सिर्फ मोहब्बत के नाम पर एनडीए वोट मांग रही है. एनडीए विकास के नाम पर वोट मांगती है.

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पेंशन का आवेदन लंबित रखने के कारण वेतन स्थगित

लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन अंतर्गत सर्वाधिक आवेदन लंबित रखे जाने के मामले में कहलगांव, जगदीशपुर व खरीक बीडीओ से डीडीसी ने स्पष्टीकरण मांगा है. वेतन भी स्थगित किया है. इस मामले में पहले भी स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी. जगदीशपुर बीडीओ ने शत-प्रतिशत आवेदनों के निष्पादन करने की बात लिखी, पर समय सीमा का उल्लेख नहीं किया. समर्पित स्पष्टीकरण रिजेक्ट कर दिया गया. कहलगांव व खरीक बीडीओ ने स्पष्टीकरण का उत्तर समर्पित ही नहीं किया. इसे अनुशासनहीनता बताते हुए फिर स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन स्थगित कर दिया गया है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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