भागलपुर में मायागंज अस्पताल बाइपास पर 'मौत का बिजली पोल', 5 महीने में एक जान गई, अब भी नहीं जागा प्रशासन

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बड़ी खंजरपुर स्थित मायागंज अस्पताल बाइपास व विसर्जन मार्ग में मौत का पोल. | Prabhat Khabar Network

बड़ी खंजरपुर स्थित मायागंज अस्पताल बाइपास व विसर्जन मार्ग में मौत का पोल. | Prabhat Khabar Network

Bhagalpur News: भागलपुर के मायागंज अस्पताल बाइपास मार्ग पर बीच सड़क पर लगे बिजली के खंभे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं. पांच माह पहले इसी पोल से टकराकर एक बच्ची की मौत हो चुकी है, जिसके बाद से लोगों में डर का माहौल है.

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Bhagalpur News: भागलपुर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) के बाइपास मार्ग पर बीच सड़क में खड़े बिजली के खंभे अब लोगों के लिए डर का दूसरा नाम बन चुके हैं. स्थानीय लोग इन्हें 'मौत का बिजली पोल' कहने लगे हैं, क्योंकि करीब पांच महीने पहले इसी पोल से टकराने के बाद बाइक पर सवार एक बच्ची की मौत हो गई थी.

हादसे के बावजूद आज तक न तो बिजली विभाग ने खंभों को हटाया और न ही नगर निगम या जिला प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान किया. अब त्योहारों और मूर्ति विसर्जन के मौसम से पहले लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

5 महीने पहले गई एक मासूम की जान, फिर भी नहीं बदली तस्वीर

बड़ी खंजरपुर स्थित मायागंज अस्पताल बाइपास पर सड़क चौड़ी हो चुकी है, लेकिन सड़क के बीचोंबीच खड़े बिजली के पोल आज भी जस के तस हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पांच माह पहले एक बाइक इसी पोल से टकरा गई थी. हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्ची ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

इस घटना के बाद लोगों ने बिजली विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन से कई बार खंभे हटाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

सड़क के बीच खड़े हैं छह बिजली के पोल

स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान से लेकर मायागंज अस्पताल तक करीब छह बिजली के खंभे सड़क के बीच बने हुए हैं.

बताया जाता है कि पहले यह सड़क काफी संकरी थी. स्मार्ट सिटी योजना के तहत जब मायागंज अस्पताल से बरारी तक बाइपास सड़क का चौड़ीकरण किया गया, तब सड़क तो चौड़ी हो गई, लेकिन बिजली के पोलों को दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं किया गया.

नतीजा यह है कि हर सप्ताह यहां कोई न कोई वाहन इन खंभों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है.

Bhagalpur News: अस्पताल और धार्मिक मार्ग होने से बढ़ा खतरा

यह मार्ग केवल मायागंज अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, बल्कि महर्षि मेंहीं आश्रम, कुप्पाघाट जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है.

आने वाले दिनों में बिहुला-विषहरी, गणेश पूजा, दुर्गा पूजा और काली पूजा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की शोभायात्राएं और प्रतिमा विसर्जन इसी मार्ग से गुजरेंगे. ऐसे में सड़क के बीच खड़े बिजली के खंभे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ा रहे हैं.

पाइपलाइन लीकेज से सड़क बनी फिसलन भरी

स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली के पोलों के आसपास पाइपलाइन लीकेज के कारण लगातार पानी बहता रहता है. इससे सड़क पर हमेशा जलजमाव और फिसलन बनी रहती है.

अमित राज, मुन्ना यादव, देबू यादव, गणपत कुमार, छोटे यादव और कुमार प्रतीक समेत कई स्थानीय लोगों का कहना है कि पैदल चलने वाले लोग भी अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं. उनका आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों ने समस्या का समाधान नहीं किया.

जिला प्रशासन को भेजा गया पत्र

जिला शांति समिति के सदस्य और दुर्गा पूजा महासमिति के पदाधिकारी कन्हैयालाल ने जिला प्रशासन, बिजली विभाग और नगर निगम को पत्र भेजकर तत्काल बिजली के पोल हटाने की मांग की है.

पत्र में शहरी क्षेत्र के कांवरिया पथ और विभिन्न गंगा घाटों पर सुविधाएं मजबूत करने, सुलभ शौचालय, जलजमाव की समस्या दूर करने, सोलर लाइट लगाने और मायागंज अस्पताल मार्ग को सुरक्षित बनाने की भी मांग की गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि त्योहारों से पहले इन खंभों को नहीं हटाया गया तो भीड़भाड़ के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है. अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है.

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