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भागलपुर जिले के लगभग साढ़े सात लाख लोग कर रहे तंबाकू का सेवन

Updated at : 27 Sep 2024 9:01 PM (IST)
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भागलपुर जिले के लगभग साढ़े सात लाख लोग कर रहे तंबाकू का सेवन

भागलपुर जिले के लगभग साढ़े सात लाख लोग कर रहे तंबाकू का सेवन

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– तंबाकू मुक्त युवा अभियान 2.0 किया गया लांच, 23 नवंबर तक चलेगा – देश में हर साल 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू जनित रोगों से होती है – राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को राज्य स्वास्थ्य समिति पटना में सूबे के सभी गैर संचारी रोग पदाधिकारी एवं मनोवैज्ञानिकों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. भागलपुर से जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार मनस्वी व अन्य पदाधिकारियों ने भागीदारी की. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने तंबाकू मुक्त युवा अभियान 2.0 को लांच किया गया. यह अभियान 60 दिनों के लिए 24 सितंबर से लेकर 23 नवंबर तक चलेगा. 2018 में बिहार में तंबाकू सेवन करने वाले की संख्या 25.9 प्रतिशत थी. इसको अगले दो साल में 16 प्रतिशत करने का लक्ष्य दिया गया. इस समय बिहार में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या लगभग दो करोड़ है, मतलब कुल आबादी का 20 प्रतिशत. जबकि भागलपुर में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या जनसंख्या के हिसाब से लगभग साढ़े सात लाख है. डॉ मनस्वी ने बताया कि इस अभियान के तहत 20 साल से कम उम्र के युवाओं को टारगेट किया जायेगा. तंबाकू मुक्त बिहार बनाने की दिशा में यह अभियान बहुत ही प्रभावी सिद्ध होगा. उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के कैंसर में से 40 प्रतिशत कैंसर का कारण सिर्फ तंबाकू सेवन है. जबकि 90 प्रतिशत मुंह के कैंसर का कारण तंबाकू है. देश में हर साल 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू जनित रोगों से होती है. 160 एजुकेशनल इंस्टिट्यूट बनेंगे टोबैको फ्री जोन : तंबाकू मुक्त युवा अभियान 2.0 के तहत पांच लक्ष्य दिये गये हैं. पहला लक्ष्य आमलोगों के बीच तंबाकू के हानिकारक प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करना है. इसके लिए जिले में कम से कम 30 जागरूकता कैंप लगाना है. दूसरा लक्ष्य स्कूलों में टॉफी नियम का पालन कराना है, मतलब स्कूलों को टोबैको फ्री एजुकेशन इंस्टीट्यूशन बनाना है. इसके लिए 160 एजुकेशनल इंस्टिट्यूट को टोबैको फ्री जोन घोषित करना पड़ेगा. 20 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित करना है : तीसरे लक्ष्य में गांवों में तंबाकू मुक्ति के लिए जागरूकता पैदा करना है. जिले के 20 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित करना है. चौथा लक्ष्य कोटपा 2003 अधिनियम को सख्ती से लागू करना है. वहीं पीइसीए 219 कानून का पालन कराना है. इसके लिए जिले में कम से कम 16 इंफोसिस मैन ड्राइव चलाना है. इस सप्ताह कम से कम दो बार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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