गंगा का जलस्तर बढ़ते ही चमकी मछुआरों की किस्मत, इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर रोज सुबह सज रही मछली मंडी

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गोपालपुर  बुद्धूचक के निकट तटबंध पर मछली आढत के निकट व्यापारियों की भीड का फोटो | Prabhat Khabar Network

गोपालपुर बुद्धूचक के निकट तटबंध पर मछली आढत के निकट व्यापारियों की भीड का फोटो | Prabhat Khabar Network

Bhagalpur News: गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से मछली कारोबार में आई तेजी. तटबंध पर सुबह लगने वाली अस्थायी मंडी में मछलियों की भारी आवक से मछुआरों और व्यापारियों को मिल रहा है लाभ. जानें कैसे यह मौसमी बदलाव आय बढ़ा रहा है.

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Bhagalpur News: भागलपुर के इस्माईलपुर-बिंद टोली क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जहां एक ओर प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर इसका सकारात्मक असर स्थानीय मछुआरों के कारोबार पर देखने को मिल रहा है. बुद्धूचक के पास तटबंध पर प्रतिदिन सुबह लगने वाली अस्थायी मछली मंडी इन दिनों गुलजार है. नदी में मछलियों की बढ़ी उपलब्धता से मछुआरों की आमदनी बढ़ी है और दूर-दराज के व्यापारी भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं.

सुबह छह बजे से सज जाती है अस्थायी मछली मंडी

बुद्धूचक के समीप तटबंध पर हर सुबह करीब छह बजे से नौ बजे तक अस्थायी मछली बाजार लगता है. जैसे ही मछुआरे रातभर की मेहनत के बाद ताजी मछलियां लेकर पहुंचते हैं, खरीददारों की भीड़ जुटने लगती है. कुछ ही घंटों में यहां लाखों रुपये का कारोबार हो जाता है.

गंगा से निकल रही हैं कई किस्मों की ताजी मछलियां

इन दिनों गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मछलियों की संख्या में इजाफा हुआ है. स्थानीय मछुआरे रात में नदी में जाल डालते हैं और सुबह विभिन्न प्रजातियों की ताजी मछलियां लेकर बाजार पहुंचते हैं. अच्छी पैदावार के कारण मछलियों की बिक्री भी तेज हो गई है.

कई जिलों से पहुंच रहे व्यापारी

इस मंडी में सिर्फ स्थानीय व्यापारी ही नहीं, बल्कि बिहारीगंज, उदाकिशुनगंज, चौसा समेत आसपास के कई इलाकों से व्यापारी बाइक पर बर्फ लेकर पहुंचते हैं. मछलियों की खरीद बोली यानी डाक के माध्यम से होती है. इसके बाद कुर्सेला के आढ़तिया पिकअप वाहनों से बड़ी मात्रा में मछलियां खरीदकर विभिन्न बाजारों तक पहुंचाते हैं.

Bhagalpur News: जलस्तर बढ़ने से बढ़ी मछुआरों की आय

स्थानीय मछुआरा विलास सिंह, सुबोल सिंह सहित कई मछुआरों का कहना है कि बरसात के मौसम में गंगा में मछलियों की उपलब्धता काफी बढ़ जाती है. इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है. दूर-दराज से आने वाले व्यापारियों के कारण मछलियों का उचित मूल्य मिल जाता है और मेहनत का बेहतर लाभ मिलता है.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा सहारा

मछली कारोबार में आई तेजी का लाभ केवल मछुआरों तक सीमित नहीं है. बर्फ विक्रेता, वाहन चालक, मजदूर और छोटे कारोबारी भी इससे रोजगार पा रहे हैं. कुछ घंटों के लिए लगने वाली यह अस्थायी मंडी स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है.

जलस्तर बढ़ा, लेकिन कारोबार में दिखी नई उम्मीद

गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन लगातार सतर्क है, लेकिन इसी जलस्तर ने मछली कारोबार को नई रफ्तार भी दी है. फिलहाल इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध की सुबह मछलियों की खरीद-बिक्री और व्यापारियों की चहल-पहल से गुलजार नजर आ रही है. यदि जलस्तर इसी तरह अनुकूल बना रहा तो आने वाले दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

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