Bhagalpur News: राज्य की विरासत को वैश्विक पटल पर जोड़ने का काम करेगा बीएयू : राज्यपाल

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Bhagalpur News: राज्य की विरासत को वैश्विक पटल पर जोड़ने का काम करेगा बीएयू : राज्यपाल

बिहार कृषि विश्वविद्यालय स्थित किसान मेला में मंगलवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं, हमें नयी तकनीक, नवाचार, अच्छे बीज, अच्छी सुविधाएं देकर, ऐसी परिस्थिति पैदा करनी है

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संवाददाता, भागलपुर

बिहार कृषि विश्वविद्यालय स्थित किसान मेला में मंगलवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं, हमें नयी तकनीक, नवाचार, अच्छे बीज, अच्छी सुविधाएं देकर, ऐसी परिस्थिति पैदा करनी है, जिससे हमारे किसानों की आमदनी बढ़ती चली जाय और उनके जीवनस्तर में सुधार आ सके. यहां आ कर विश्वास होता है कि हमारे वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री के आह्वान को गंभीरता से लिया है. राज्यपाल ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक परिसंपत्तियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस विवि ने किसानों के सहयोग से पांच कृषि उत्पादों भागलपुर का कतरनी चावल, जरदालू आम, शाही लीची, मगही पान और मिथिला मखान के लिए जीआई टैग प्राप्त किया है. इस तरह का प्रयास राज्य की विरासत को कृषि विपणन से जोड़ने और वैश्विक पटल पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.

उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम है बीएयू

वर्तमान परिदृश्य में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान हेतु बीएयू की स्थापना हुई थी. यहां पर पहली बार संकर प्रभेद के आम को विकसित करने हेतु अनुसंधान का कार्य सबौर में शुरू हुआ और कृषाशंकर और महमूद बहार नाम से दो आम की प्रजातियां किसानों तक पहुंची.

खरीफ फसलों के रूप में भी बड़े पैमाने पर हो मक्के की खेती

श्री खान ने कहा कि मक्का बिहार की प्रमुख खाद्यान्न फसल है और इसकी उत्पादकता बिहार में राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है. रबी मौसम में मक्के की खेती अच्छी होती है लेकिन खरीफ मौसम में मक्के की खेती का ज्यादा प्रचलन नहीं है. वैज्ञानिकों को खरीफ फसलों के रूप में भी मक्के की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए.

देश का 80 फीसदी मखाना पैदा करता है बिहार

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि देश के कुल उत्पादन का 80 फीसदी मखाना अकेले बिहार उत्पादित करता है. बीएयू द्वारा मखाना के उन्नत प्रभेद को विकसित करने से राज्य के हजारों मखाना किसानों की आमदनी बढ़ रही है. भारत सरकार द्वारा 2025 में मखाना विकास को अनुशासित स्वरूप में काम करने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना का प्रावधान किया गया है.

बाजरे की होगी उन्नत खेतीराज्यपाल ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा इस विश्वविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स, बाजरे पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए चुना गया है. मुझे विश्वास है कि यह केंद्र अन्न के उन्नत तकनीकों को विकसित करके उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.

कर्म ही पूजा है, काम करो, मुस्कुराते हुए को मिला ट्रेड मार्क

राज्यपाल श्री खान ने कहा कि बीएयू ने जीवन का मंत्र कर्म ही पूजा है को अंगीकार करते हुए ट्रेड मार्क विकसित किया है. भारत सरकार की संस्था द्वारा कर्म ही पूजा है, काम करो, हंसते हुए, मुस्कुराते हुए को ट्रेड मार्क पंजीकृत किया गया है. कुलाधिपति ने बीएयू की कई उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि फार्म मशीनरी टेस्टिंग सेंटर, जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों का खेतों में प्रयोग तथा प्रशिक्षण, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को कृषि से जोड़ने, 2.6 लाख से ज्यादा किसानों को प्रशिक्षण दिये जाने, बीएयू के केवीके द्वारा 82 कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से 2460 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार सृजन के लिए प्रशिक्षित करने, 28 युवाओं को ड्रोन प्रशिक्षण दिये जाने जैसे कार्यों की सराहना की.

उन्नत खेती, मध्यम बान, अधम चाकरी भूख निदान

राज्यपाल ने कहा कि हमारे यहां कृषि को एक सम्मानजनक व्यवसाय माना गया है और एक कहावत भी है कि, उत्तम खेती मध्यम बान, अधम चाकरी भूख निदान…हमारी सांस्कृतिक परंपरा में अन्न की महिमा बार-बार वर्णित की गयी है. किसान हमारे अन्नदाता हैं, हमारा पेट भरते हैं और पीएम उनकी आमदनी को दूनी करने की बात करते हैं इसलिए कई योजनाएं भी बनीं.

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Sanjiv Kumar

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