कैमरे की निगरानी में होगा गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, बिहार में अब 15 मिनट में पूरी करनी होगी जांच

Updated at : 21 Mar 2026 5:35 PM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: गाड़ियों की फिटनेस जांच में गड़बड़ी रोकने के लिए परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. भागलपुर के DTO जनार्दन कुमार के निर्देश पर ATS में हर टेस्ट कैमरे की निगरानी में होगा और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की जाएगी.

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Bihar News: गाड़ियों की फिटनेस जांच को पारदर्शी और सही बनाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है. अब ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (ATS) पर होने वाली हर जांच कैमरे की निगरानी में की जाएगी. यह फैसला तब लिया गया जब जगतपुर स्थित एटीएस में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं और मंत्रालय से इसकी जांच रिपोर्ट भी आई.

तीन सदस्यीय टीम रखेगी नजर

मुख्यालय के निर्देश के बाद भागलपुर जिला परिवहन पदाधिकारी जनार्दन कुमार ने एक तीन सदस्यीय टीम बनाई है. इस टीम में एमवीआई राजीव रंजन, कुणाल कश्यप और डाटा ऑपरेटर पंकज कुमार शामिल हैं. इनका काम पूरे फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया पर नजर रखना और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई गड़बड़ी न हो.

हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड

अब फिटनेस जांच के दौरान होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड की जाएगी. इस रिकॉर्डिंग को डीवीडी या डिजिटल फॉर्म में कम से कम 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा. इसका फायदा यह होगा कि अगर भविष्य में कोई विवाद या शिकायत होती है, तो सटीक सबूत मौजूद रहेगा.

15 मिनट में पूरी होगी जांच

नई व्यवस्था के तहत एक गाड़ी की फिटनेस जांच अधिकतम 15 मिनट में पूरी करनी होगी. इससे प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अगर कोई कर्मचारी जानबूझकर देरी करता है, तो उसे लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की जाएगी.

हर डिटेल करना होगा दर्ज

जांच के दौरान वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, फोटो और अन्य तकनीकी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा. साथ ही गाड़ी की चारों तरफ से तस्वीरें ली जाएंगी, ताकि पूरी प्रक्रिया साफ और पारदर्शी बनी रहे.

दबाव और सिफारिश पर सख्ती

डीटीओ ने साफ कहा है कि फिटनेस सर्टिफिकेट देने में किसी भी तरह का दबाव, सिफारिश या अवैध लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर ऐसा कुछ सामने आता है, तो संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

हर हफ्ते देनी होगी रिपोर्ट

निगरानी टीम को हर हफ्ते अपनी रिपोर्ट देनी होगी. इससे अधिकारियों को लगातार अपडेट मिलता रहेगा और समय पर जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे. इस नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि गाड़ियों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता आएगी और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी. अब कैमरों की निगरानी और तय समय सीमा के कारण कोई भी कर्मचारी आसानी से नियमों को नजरअंदाज नहीं कर पाएगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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