-07 मार्च को खुलेगी निविदा, चयनित होगी फर्म, टर्नकी कार्य के बाद होने लगेगा संचालन
पूर्वी बिहार, कोसी-सीमांचल के 13 जिलों में सबसे बड़ा अस्पताल माना जाने वाला जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज अस्पताल) हमेशा से इस बात को लेकर सुर्खियों में रहता है कि यहां की लिखी गयी दवाइयां बाहर से लेनी पड़ती है. लेकिन, ऐसा अब नहीं होगा. अस्पताल में दवाइयों की कमी नहीं होगी और न ही मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ेगी. यहां अमृत फार्मेसी खुलेगी और इसकी कवायद भी शुरू हो गयी है. यह जब खुलेगा, तो मरीजों को इलाज के लिए सस्ती दवाइयां मिलेंगी. यानी, अमृत फार्मेसी में दवाएं, सर्जिकल डिस्पोजेबल और अन्य उपभोग्य वस्तुएं मिलेंगी.
जानें, अमृत फार्मेसी और खासियत-दवाएं, सर्जिकल डिस्पोजेबल और अन्य उपभोग्य वस्तुएं मिलती है.
-सर्जिकल आइटम सहित इंप्लांट्स, वैक्सीन व अन्य न्यूनतम दरों पर उपलब्ध रहता है. -इंप्लांट का स्टोर किया जाता है और इसकी कीमतें कम होती है. -कीमतें अधिकतम खुदरा मूल्य के 50 प्रतिशत तक की औसत छूट पर उपलब्ध होती हैं.निविदा जारी, 7 मार्च को चयनित होगी एजेंसी
जेएलएनएमसीएच में फार्मेसी के लिए टर्नकी कार्य के लिए निविदा जारी की गयी है. टर्नकी कार्य यानी, किसी परियोजना को शुरू से अंत तक एक ही ठेकेदार या फर्म के जरिए पूरा करना होता है. यानी, चयनित फर्म या एजेंसी को सिविल वर्क, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, फर्नीचर कार्य और पूंजीगत वस्तुओं की आपूर्ति करना होगा. फर्म के चयन की निविदा 7 मार्च को खोली जायेगी. इच्छुक फर्म या एजेंसियों के लिए निविदा की कागजात डाउनलोड करने की अवधि 25 फरवरी से 06 मार्च निर्धारित की गयी है. निविदा 27 फरवरी से 06 मार्च तक भरा जा सकेगा. यानी, मार्च तक में फर्म या एजेंसी का चयन कर लिया जायेगा और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इसके अगले तीन महीने में तैयारियां भी पूरी हो जायेगी और फिर मरीजों को सस्ती दरों पर दवाइयां भी मिलने लगेंगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

