विधानसभा चुनाव के दौरान निर्धारित दायित्व का निर्वहन नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मियों से अब चुनाव मद में दी गयी अग्रिम राशि की वसूली की जायेगी. इस संबंध में स्थापना शाखा के प्रभारी नोडल पदाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए जिले के सैकड़ों कर्मियों को नोटिस है. तकरीबन 389 पदाधिकारी और कर्मियों ने चुनाव ड्यूटी से मुक्त किये जाने के लिए आवेदन दिया था, जिनमें से 361 कर्मी और अधिकारी मतदान कार्य में शामिल नहीं हुए. इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है और उनके खातों में पहले से भेजी गयी राशि लौटाने का निर्देश दिया गया है. चुनाव ड्यूटी के लिए चयनित 149 प्रजाइडिंग ऑफिसर, 80 मतदान पदाधिकारी प्रथम, 86 मतदान पदाधिकारी द्वितीय और 74 मतदान पदाधिकारी तृतीय ने अलग-अलग कारणों से मतदान कार्य से हटाये जाने का अनुरोध किया था. बाद में इनमें से अधिकांश कर्मियों ने मतदान केंद्रों पर ड्यूटी नहीं की.
मानदेय की राशि कर्मियों के खातों में पहले ही कर दी गयी थी ट्रांसफर
प्रशासन द्वारा पहले ही चुनाव कार्य के लिए मानदेय की राशि कर्मियों के खातों में ट्रांसफर करा दी गई थी. प्रजाइडिंग ऑफिसर को 5250 रुपये, मतदान पदाधिकारी प्रथम और द्वितीय को 4050-4050 रुपये, जबकि मतदान पदाधिकारी तृतीय को 3150 रुपये का भुगतान किया गया था. चूंकि इन कर्मियों ने मतदान केंद्रों पर कार्य नहीं किया, इसलिए अब इस राशि की वापसी करायी जा रही है.वेतन मिलने के बाद ही राशि वापस करना संभव
डीआरडीए में कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें पिछले चार से पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है. बावजूद इसके उन्हें मतदान केंद्र पर ड्यूटी नहीं करने देने के कारण अब राशि लौटाने का नोटिस दिया गया है. उनका कहना है कि वेतन मिलने के बाद ही राशि वापस करना संभव होगा. स्थापना शाखा में लगातार कर्मियों की भीड़ देखी जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

