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कहीं पीएचसी में चूहे खा जाते हैं ओआरएस, तो कहीं बिन बिजली बेकार पड़े फ्रिज, एसी व पंखे

Updated at : 30 Dec 2019 9:30 AM (IST)
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कहीं पीएचसी में चूहे खा जाते हैं ओआरएस, तो कहीं बिन बिजली बेकार पड़े फ्रिज, एसी व पंखे

भागलपुर : केंद्र सरकार शहरी पीएचसी को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में बदलने जा रही है. यहां आने वाले मरीजों को आठ तरह की सुविधाएं दी जायेंगी. पीएचसी का संचालन शहरी गरीब और अति पिछड़ी बस्ती के बीच में होने से यहां रहने वालों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके. केंद्र में करीब […]

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भागलपुर : केंद्र सरकार शहरी पीएचसी को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में बदलने जा रही है. यहां आने वाले मरीजों को आठ तरह की सुविधाएं दी जायेंगी. पीएचसी का संचालन शहरी गरीब और अति पिछड़ी बस्ती के बीच में होने से यहां रहने वालों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके. केंद्र में करीब 141 तरह की दवा रखना जरूरी है. वहीं सरकार आने वाले समय में इन केंद्रों में आधुनिक मशीन भी लगाने वाली है.

वहीं, कई विभाग के साथ मिल कर यहां अन्य कार्य भी किया जाना है. लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर केंद्रों में कर्मी की घोर कमी है. आयुष डॉक्टर के दम पर मरीजों को अंग्रेजी दवा सर्दी, खांसी बुखार की दी जाती है. शहर में चल रहे दो पीएचसी की हालत क्या है इस पर एक रिपोर्ट
शहरी पीएचसी किलाघाट में बिजली नहीं
फिर भी मिला फ्रीज, कूलर और पंखा
पीएचसी के प्रभारी आयुष चिकित्सक, हद यह लैब नहीं पर मिल रहा टेक्नीशियन
दो कमरे में चलता है पीएचसी, चोरी का खतरा ऊपर से शौचालय में पानी नहीं
भागलपुर. शहरी पीएचसी किलाघाट आरंभ में बिजली शुरू से नहीं है. फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने बिजली से चलने वाला उपकरण उपलब्ध करा दिया. अब दो कमरे के पीएचसी में इतनी जगह नहीं कि कोई मरीज आराम से इलाज करा सकें. एक कमरे में कर्मी की कुर्सी और दवा पड़ी हुई है. दूसरे कमरे में पीएचसी प्रभारी का चेंबर है.
मुख्यालय ने रविवार को पीएचसी खोलने का निर्देश दिया है. इसलिए यहां नर्स, डाटा ऑपरेटर और एक कर्मी बारह बजे तक आ गये. कर्मचारियों ने बताया प्रभारी छुट्टी पर हैं. वहीं प्रभारी एमबीबीएस नहीं, बल्कि आयुष चिकित्सक हैं. दवा करीब 141 तरह की होनी चाहिए हैं मात्र बीस तरह की है.
प्रभारी और नर्स के घर में रखा हैं पीएचसी का सामान : अन्य पीएचसी की तरह बिजली से चलने वाला उपकरण यहां भी दिया गया है. जिसमें फ्रीज, पंखा, कूलर समेत अन्य सामान है. वह समान जो घर में प्रयोग हो सकता है उसे अपने आवास पर प्रभारी और नर्स ने रख लिया है. प्रभारी डॉ आजमी सुलेमानी कहते हैं सभी सामान को पीएचपी में रखने से चोरी की संभावना है.
केंद्र में नहीं है इतनी जगह, जहां पांच
मरीज ओपीडी में खड़े भी हो सकें
जांच के लिए रखी है मशीन, जांच करने वाले की नहीं हुई नियुक्ति
जरूरी दवा है उपलब्ध मशीन कमरे में किसी तरह किया गया है एडजेस्ट
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