विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को कैबिनेट की मंजूरी, 126 करोड़ 25 लाख होंगे खर्च

विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है, जिस पर ₹126.25 करोड़ खर्च होंगे. मरम्मत कार्य 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे भागलपुर, सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. मरम्मत में नया स्लैब निर्माण और बॉल-बियरिंग बदलना शामिल है.
ब्रजेश (भागलपुर) . विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को लेकर अब तक चली आ रही ऊहापोह की स्थिति दूर हो गयी है. राज्य कैबिनेट ने सेतु के दुरुस्तीकरण कार्य को मंजूरी दे दी है. इस पर 126 करोड़ 25 लाख 55 हजार रुपये खर्च होंगे. मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक फंड भी तय हो गया है और यह राशि राज्य सरकार उपलब्ध करायेगी. फंड की उपलब्धता की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस राशि में बेली ब्रिज का निर्माण भी शामिल है. हाल के कुछ दिन पहले पुल निर्माण निगम के खगड़िया डिवीजन ने सेतु की मरम्मत का एस्टिमेट तैयार कर हेडक्वार्टर भेजा था, जिसकी गहन जांच पड़ताल के बाद सेतु पर बेली ब्रिज का निर्माण कार्य, नवीन सस्पेंडेड स्लैब का निर्माण कार्य एवं सेतु के संपूर्ण भाग की मरम्मति व पुर्नस्थापन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में फाइल भेजी गयी थी, जिसको स्वीकृति दे दी गयी है.
जारी होगी अल्पकालीन निविदा, चयनित एजेंसी से कराया जायेगा काम
बिहार पुल निर्माण निगम के पटना मुख्यालय के अनुसार सेतु की मरम्मत का कार्य निगम की देखरेख में चयनित एजेंसी के माध्यम से कराया जायेगा. फिलहाल तकनीकी सहयोग के लिए एसपी सिंगला की मदद ली जा रही है. लेकिन स्थायी रूप से कार्य कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अपनायी जायेगी. एजेंसी के चयन के बाद उसके साथ एग्रीमेंट किया जायेगा और वर्क ऑर्डर जारी होने के साथ ही मरम्मत का काम शुरू होगा.
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए अल्पकालीन निविदा जारी की जायेगी, ताकि एजेंसी के चयन में अनावश्यक देरी न हो. अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में टेंडर जारी कर दिया जायेगा.
30 नवंबर तक मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य
हेडक्वार्टर के अधिकारी के अनुसार सेतु की मरम्मत शुरू कराने से संबंधित सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं एक महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद एजेंसी को कार्यस्थल सौंप दिया जायेगा.
सरकार ने विक्रमशिला सेतु को हर हाल में 30 नवंबर तक पूरी तरह दुरुस्त कर आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है. ऐसे में अब कैबिनेट की मंजूरी और फंड की व्यवस्था होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. इससे भागलपुर समेत सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
हर स्पैन को उठाकर बदली जायेगी बॉल-बियरिंग, बंद रखा जायेगा सेतु
विक्रमशिला सेतु का जो स्लैब टूट कर गिरा है, उसकी जगह नया स्लैब बनाया जायेगा. इसके साथ ही अब तक चिह्नित सभी क्षतिग्रस्त स्लैब को भी ध्वस्त कर उनके स्थान पर नये स्लैब का निर्माण कराया जायेगा. जिन स्लैब की बॉल बियरिंग खिसक गयी है, उन्हें उठाकर बॉल बियरिंग बदली जायेगी. इसके लिए सेतु को बंद रखा जायेगा.
इसके अलावा बेहतर स्थिति वाले स्लैब की भी तकनीकी जांच की जायेगी. उन्हें उठाकर उनकी बॉल बियरिंग की स्थिति का परीक्षण किया जायेगा. जांच में थोड़ी भी गड़बड़ी मिलने पर पुरानी बॉल बियरिंग हटाकर नयी लगायी जायेगी. यह मरम्मत कार्य के दौरान किया जायेगा. चार वर्ष पहले जिस स्लैब में दरार आने के बाद करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से मेंटेनेंस कार्य कराया गया था और दरार वाले हिस्से पर कार्बन प्लेट चिपकायी गयी थी, उसकी भी दोबारा तकनीकी जांच होगी. उस हिस्से का भी दुरुस्तीकरण कराया जायेगा, ताकि सेतु की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित की जा सके.
जारी होगी अल्पकालीन निविदा : मैनेजिंग डायरेक्टर
पुल निर्माण निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर जितेंद्र कुमार ने कहा कि विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गयी है. यह भी तय हो गया है कि फंड राज्य सरकार देगी. जल्द ही अल्पकालीन निविदा जारी की जायेगी, ताकि एजेंसी चयन में देरी नहीं हो सके.
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