भागलपुर के प्राचीन खाटू श्याम मंदिर में 17वां प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू: दो क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार

प्राचीन खाटू श्याम का सजा दरबार. | Prabhat Khabar Network
भागलपुर शहर के चुनिहारी टोला स्थित प्राचीन खाटू श्याम मंदिर में शुक्रवार को 17वां वार्षिक प्राण-प्रतिष्ठा समारोह बेहद हर्षोल्लास और भव्यता के साथ शुरू हो गया. बाबा श्याम के अलौकिक दर्शन और शीश नवाने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.
जन्मोत्सव और धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत सुबह 8:00 बजे वाराणसी (काशी) से पधारे विद्वान पुरोहित पंडित संजय पांडेय के सान्निध्य में हुई. उन्होंने वैदिक रीति-रिवाज के साथ बाबा श्याम के सभी पांचों दरबारों की विधिवत पूजा-अर्चना कराकर भव्य शृंगार कराया. इस पावन अवसर पर बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों श्याम भक्तों ने बाबा के चरणों में हाजिरी लगाई.
कोलकाता और मिदनापुर के कलाकारों ने किया अद्भुत शृंगार
स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं. कोलकाता और मिदनापुर से विशेष रूप से आमंत्रित प्रसिद्ध कलाकार चंदन दा और पांचू दा की टीम ने मंदिर को एक नया और अलौकिक रूप दिया.
- फूलों की भव्यता: बाबा के दरबार और पूरे गर्भगृह को सजाने के लिए करीब दो क्विंटल (200 किलो) गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और विदेशी रंग-बिरंगे फूलों का इस्तेमाल किया गया.
- केसर-चंदन अभिषेक: प्रातः 11:00 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेश ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा श्याम का दुग्धाभिषेक किया और केसर-चंदन से उनका अलौकिक नैयनाभिराम शृंगार किया.
अंतरप्रांतीय भक्तों का महाजुटान, गूंजे बाबा के जयकारे
खाटू नरेश के इस 17वें पावन उत्सव का साक्षी बनने के लिए केवल भागलपुर शहर ही नहीं, बल्कि सुदूर इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंचे. मंदिर प्रवक्ता विनोद शर्मा के अनुसार, आयोजन में भागलपुर, सुल्तानगंज, नवगछिया, नाथनगर, पीरपैंती के अलावा बांका, बौंसी और पड़ोसी राज्य झारखंड के गोड्डा जिले से भी बड़ी संख्या में मारवाड़ी समाज और श्याम प्रेमी सुबह से ही कतारों में डटे रहे. पूरा चुनिहारी टोला क्षेत्र 'हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा' के जयकारों से गुंजायमान रहा.
हवन-पूजन के बाद सजेगी भजनों की अमृत वर्षा और छप्पन भोग
उत्सव की आगे की रूपरेखा साझा करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा:
- दोपहर का अनुष्ठान: दोपहर 3:00 बजे विश्व शांति और जन-कल्याण की कामना के साथ मुख्य यज्ञवेदी पर भव्य हवन-पूजन संपन्न कराया गया.
- संध्या महाआरती: शाम ठीक 7:00 बजे बाबा श्याम की भव्य संगीतमय आरती होगी, जिसके तुरंत बाद अखंड 'पवित्र ज्योत' प्रज्वलित की जाएगी.
- भजन संध्या व छप्पन भोग: ज्योत दर्शन के बाद भव्य भजन संध्या (महफिल) सजेगी, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए आमंत्रित गायक बाबा के भजनों की अमृत वर्षा करेंगे. इसी दौरान बाबा श्याम को मुख्य आकर्षण के रूप में 'छप्पन भोग' अर्पित कर महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा.
आयोजन समिति की सक्रियता:
इस पूरे महोत्सव को सुचारू रूप से संपन्न कराने और व्यवस्था बनाए रखने में मंदिर कमेटी के गौतम चौधरी, महेश तुलस्यान, सतीश जैन, ध्रुव पोद्दार, महेश खंडेलवाल, मधु अग्रवाल, अमित टीबरेबाल, आशु सिंघानिया, अंकुश अग्रवाल और अंकित टेकरीवाल समेत दर्जनों कार्यकर्ता व सेवादार मुस्तैदी से जुटे हुए हैं. रात में होने वाली महाआरती के साथ इस भव्य एकदिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का समापन होगा.
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