भागलपुर : चार बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, निर्धारित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़े जायेंगे विमुक्त कराये गये बच्चे
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

भागलपुर : बाल श्रम उन्मूलन को लेकर श्रम विभाग के धावा दल ने भागलपुर शहर में स्थित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मंगलवार को छापेमारी की. इस दौरान विभिन्न बड़े प्रतिष्ठानों से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. प्रतिष्ठानों के खिलाफ लिखित शिकायत कोतवाली थाने को करते हुए बाल कल्याण समिति, भागलपुर को दूरभाष पर […]
विज्ञापन
भागलपुर : बाल श्रम उन्मूलन को लेकर श्रम विभाग के धावा दल ने भागलपुर शहर में स्थित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मंगलवार को छापेमारी की. इस दौरान विभिन्न बड़े प्रतिष्ठानों से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. प्रतिष्ठानों के खिलाफ लिखित शिकायत कोतवाली थाने को करते हुए बाल कल्याण समिति, भागलपुर को दूरभाष पर सूचना दी गयी.
राज्य कार्य योजना के अंतर्गत 11 जनवरी को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. बैठक में लिये गये निर्णय के बाद श्रम विभाग ने धावा दल का गठन किया. इसके बाद छापेमारी की गयी है. विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर उप श्रमायुक्त कविता कुमारी के नेतृत्व में धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार, अशोक कुमार पांडेय, आशुतोष झा, कमल कृष्ण सिन्हा, दिलीप झा, विमल प्रसाद, संजय कुमार चौधरी ( इंस्पेक्टर, कोतवाली थाना), अमल कुमार (केंद्र समन्वयक, चाइल्ड लाइन) व अवधेश कुमार पांडेय (टीम सदस्य, चाइल्ड लाइन) शामिल थे.
बाल श्रमिकों को विमुक्त कराने के बाद बच्चों को तत्काल अस्थायी शरण के लिए बाल गृह, भागलपुर में आवासित किया गया. इन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं पर बाल श्रम निषेध अधिनियम व किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी.
26 जनवरी तक भागलपुर को बाल श्रम मुक्त करने का संकल्प
भागलपुर शहर को आगामी 26 जनवरी तक बाल श्रम मुक्त करने का संकल्प व निर्णय लिया गया है. इस क्रम में शहर के विभिन्न हिस्सों में पिछले 10 दिनों से लगातार विमुक्तीकरण की दिशा में प्रचार-प्रसार किया जा रहा था. श्रम विभाग व चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम इस दिशा में लगातार लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही थी.
पूर्व में भी इन चारों प्रतिष्ठानों को प्रचार-प्रसार के दौरान हिदायत दी गयी थी और बाल श्रम कानून व बाल किशोर अधिनियम की जानकारी दी गयी थी. बावजूद इसके बाल श्रमिकों से काम लिया जा रहा था.
विमुक्त कराये गये बच्चों के खाते में दिया जायेगा 25 हजार रुपये
विमुक्त कराये गये सभी बच्चों के पुनर्वासन के लिए श्रम संसाधन विभाग द्वारा तत्काल 3000 रुपये व विमुक्त बच्चों के खाते में 25000 रुपये दिया जायेगा. इन बच्चों के लिए जारी सभी सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जायेगा. समय-समय पर चाइल्ड लाइन द्वारा निगरानी की जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










