राफेल के सौदे में ताक पर नियम
Updated at : 15 Sep 2018 7:20 AM (IST)
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भागलपुर : केंद्र की मोदी सरकार ने राफेल सौदे ने देशहित और देश की सुरक्षा को दांव पर लगाने का अक्षम्य अपराध किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 126 राफेल लड़ाकू जहाज खरीदने के कांग्रेस सरकार के अंतरराष्ट्रीय टेंडर को खारिज कर दिया और नियम-कानून को ताक पर रखकर बिना कोई बोली आमंत्रित किये. 36 […]
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भागलपुर : केंद्र की मोदी सरकार ने राफेल सौदे ने देशहित और देश की सुरक्षा को दांव पर लगाने का अक्षम्य अपराध किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 126 राफेल लड़ाकू जहाज खरीदने के कांग्रेस सरकार के अंतरराष्ट्रीय टेंडर को खारिज कर दिया और नियम-कानून को ताक पर रखकर बिना कोई बोली आमंत्रित किये. 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का एकतरफा निर्णय लिया. उक्त बातें कांग्रेस के विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कांग्रेस कार्यालय में कहीं.
उन्होंने कहा कि इस मामले पर पर्दा डालने की कुत्सित कोशिश और बेसिरपैर की दलीलों के आधार पर 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश होता है. जबकि सच्चाई यह है कि सरकारी खजाने के 41,205 करोड़ का चूना लगाया गया. मनमोहन सरकार जब 2012 में कम दर पर राफेल विमान खरीद रही थी, तो भाजपा ने विरोध किया था.
देश को राफेल की जरूरत है, लेकिन घोटाला करके नहीं. इस दौरान उन्होंने अंबानी ग्रुप को फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया. किसानों के कर्ज को माफ नहीं किया जाता है, लेकिन जनता की गाढ़ी कमाई से एक उद्योगपति को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है. इस मौके पर जिला अध्यक्ष शाह अली सज्जाद आलम, निहालउद्दीन, मृत्युंजय सिंह गंगा, अनामिका शर्मा, अभय आनंद, विजय झा गांधी, पंकज कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष व अन्य लोग उपस्थित थे.
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