मास्टरजी नहीं थे, घूम रही थी गाय, 12 वीं की पढ़ाई पांच महीने बाद भी शुरू नहीं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Aug 2018 4:51 AM

विज्ञापन

भागलपुर : प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार अपने साप्ताहिक दौरे में गुरुवार को सबौर के सरकारी शिक्षा का हाल देखा तो बेहाल हो गये. वे स्कूल के 12 वीं कक्षा में पढ़ने देखने गये तो वहां पर छात्रों की पढ़ाई सत्र के पांच माह गुजरने के बाद भी शुरू नहीं हो पायी थी. कक्षा के अटेंडेंस […]

विज्ञापन

भागलपुर : प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार अपने साप्ताहिक दौरे में गुरुवार को सबौर के सरकारी शिक्षा का हाल देखा तो बेहाल हो गये. वे स्कूल के 12 वीं कक्षा में पढ़ने देखने गये तो वहां पर छात्रों की पढ़ाई सत्र के पांच माह गुजरने के बाद भी शुरू नहीं हो पायी थी. कक्षा के अटेंडेंस रजिस्टर की जांच तो उसमें 102 छात्रों के नाम थे, मगर मौके पर एक भी छात्र उपस्थित नहीं था. जब उनसे पूछा गया कि यह हाल क्यों है. इस पर जवाब मिला, स्कूल के समय में छात्र निजी काेचिंग में पढ़ने जाते हैं.

छात्र यहां के क्लास में कम दिलचस्पी लेते हैं. इस पर कमिश्नर बिफर पड़े और हिदायत दी कि किसी भी कीमत पर क्लास में छात्रों की उपस्थिति को बढ़ाये अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी. कहा कि जरूरी हो तो छात्र के अभिभावक को चिट्ठी लिखकर खुद मुलाकात करें. वर्तमान में स्कूल के 9 वीं में 492 और 10 वी में 416 बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि 11 वीं कक्षा के लिये नामांकन जारी है. इधर, कमिश्नर के दौरे में कुछ कक्षा में शिक्षक तो थे तो वहां पर छात्र नजर नहीं आये. स्कूल के जर्जर हाल को देख कमिश्नर ने प्राचार्य से पूछा कि कोई काम क्यों नहीं हो रहा है. कहा गया कि विकास निधि में 16 लाख रुपये दिया गया, लेकिन यह खर्च नहीं हो सका है. कमिश्नर भी आश्चर्यचकित रह गये कि बजट के बाद भी खर्च नहीं हुआ. कारण के बारे में बताया कि विधायक की अध्यक्षता में प्रबंध समिति की बैठक होती है, लेकिन यह अभी तक नहीं हो पायी है.

मास्टर जी मिले गायब, प्राचार्य कक्ष के बाहर घूम रही थी गाय, सबौर में सरकारी शिक्षा का हाल देख कमिश्नर हुए बेहाल
विकास निधि में आयी 16 लाख रुपये की राशि नहीं हो सकी खर्च
कमिश्नर बोले, आप तो हेलीकॉप्टर से भी तेज हैं सबौर उच्च विद्यालय के दौरे के बाद कमिश्नर कन्या उच्च विद्यालय का निरीक्षण करने गये. वहां प्रधानाचार्य नहीं देख तो क्लर्क से पूछा कि कहां हैं. हालांकि बाद में निरीक्षण के दौरान ही प्रधानाध्यापक आ गये. इस बीच एक मास्टर साहब के बारे में पूछा तो बताया गया कि डीइओ ऑफिस गये हैं. इस बीच 15 मिनट बाद मोटरसाइकिल से वे पहुंच गये. जब मास्टर साहब कमिश्नर के सामने आ गये तो वे भी भौचक्का हो गये. अरे, डीइओ ऑफिस से सबौर 15 मिनट में आ गये, आप तो हेलीकॉप्टर से भी तेज हैं. स्कूल के शिक्षकों ने कमरों की संख्या की कमी के बारे में बताया गया.
खुली पोल
विद्यालय में गंदगी पसरी हुई थी और लावारिस पशु इधर-उधर घूम रहे थे. इस पर कड़ी फटकार लगी व नियमित सफाई का निर्देश हुआ.
प्रिंसिपल कार्यालय के सामने पंचायत भवन के बंद होने पर मुखिया को बुलावा भेजा.
एक-एक शिक्षक व शिक्षिकाओं से मिलने के बाद एक शिक्षिका की गैर हाजिरी खुद लगायी.
स्कूल के खेल मैदान में पशुओं
को देख नाराजगी जाहिर किया
और चहारदीवारी को बनाने का निर्देश दिया.
स्कूल परिसर में अवैध रूप से खुले एक होटल का मुद्दा भी उठाया गया, जिसे हटाने के लिए कहा गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन