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किसान व कृषि वैज्ञानिक साथ मिल कर करें काम, तो खेती की सभी समस्या का होगा निदान

Updated at : 06 Aug 2018 7:30 AM (IST)
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किसान व कृषि वैज्ञानिक साथ मिल कर करें काम, तो खेती की सभी समस्या का होगा निदान

भागलपुर : किसान अगर यह सोच ले कि वे अकेले खेती की सारी समस्याओं का हल कर लेंगे, तो यह संभव नहीं है. यही बात कृषि वैज्ञानिक सोच ले, तो यह भी संभव नहीं है. लेकिन, किसान व कृषि वैज्ञानिक मिल कर काम करें, तो खेती में किसी भी समस्या का निदान संभव है. यह […]

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भागलपुर : किसान अगर यह सोच ले कि वे अकेले खेती की सारी समस्याओं का हल कर लेंगे, तो यह संभव नहीं है. यही बात कृषि वैज्ञानिक सोच ले, तो यह भी संभव नहीं है. लेकिन, किसान व कृषि वैज्ञानिक मिल कर काम करें, तो खेती में किसी भी समस्या का निदान संभव है. यह बातें बिहार कृषि विश्वविद्यालय के आठवें स्थापना दिवस पर विवि के प्रशाल में आयोजित किसान विज्ञान कांग्रेस में नवाचार के पितामाह कहे जानेवाले अहमदाबाद के सृष्टि, ज्ञान एवं राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान के संस्थापक पद्मश्री प्रो अनिल कुमार गुप्ता ने कहीं.
तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान विज्ञान कांग्रेस का वि cषय फसल उत्पादन, मूल्य शृंखला, समायोजन व बाजार प्रबंधन के क्षेत्र में किसानों की ओर से विकसित इनोवेशन (नवाचार) विषय पर वक्ताओं ने संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्ने पलट कर देखें, तो मनुष्य ने तकनीक पहले बनायी, विज्ञान का सिद्धांत बाद में आया. लिहाजा किसान जो तकनीक खुद से ईजाद करते हैं, उसे वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ने की जरूरत है. प्रो गुप्ता ने कहा कि आज देशभर में यह समस्या है कि, भंडारण करने के बाद गेहूं कीड़े के हमले से नहीं बच पाता. लेकिन, महुआ के फूल से गेहूं को कीड़े से बचाने का जो इनोवेशन यहां के किसान ने किया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है.
अब वैज्ञानिक यह तलाश करें कि महुआ के फूल में ऐसा कौन सा तत्व पाया जाता है, जो कीड़े को फटकने नहीं देता और किन फूलों में ऐसे तत्व पाये जाते हैं. इसी तरह अन्य किसानों के इनोवेशन को भी आगे बढ़ाने और पेटेंट कराने की जरूरत है. इस मौके पर बीएयू के कुलपति प्रो अजय कुमार सिंह ने हास-परिहास के अंदाज में अध्यक्षीय भाषण देकर प्रशाल का माहौल खुशनुमा बना दिया और यहां मौजूद विवि परिवार के लोगों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं. बीएयू के पीआरओ डॉ आरके सोहाने ने अतिथियों का स्वागत और एपीआरओ डॉ रामदत्त ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इससे पहले अतिथियों ने किसानों के इनोवेशन से संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया.
किसान विज्ञान कांग्रेस को राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के पूर्व कुलपति डाॅ गोपाल जी त्रिवेदी, पौध किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नयी दिल्ली रजिस्ट्रार जनरल डाॅ आरसी अग्रवाल, डॉ वीवी सदामते, डॉ केडर कोकाटे, कोलकाता अटारी के निदेशक डॉ एसएस सिंह, डॉ हेमा यादव ने भी संबोधित किया. एनएच में घपले मामले की जांच बुधवार के बाद शुरू होगी, रिपोर्ट मिलने पर होगी कार्रवाई
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