भागलपुर घोटाला मामला : कई ठिकानों पर रेड, अवैध निकासी कर मुंबई तक भेजी गयी सरकारी राशि

Updated at : 10 Aug 2017 6:55 PM (IST)
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भागलपुर घोटाला मामला :  कई ठिकानों पर रेड, अवैध निकासी कर मुंबई तक भेजी गयी सरकारी राशि

भागलपुर : बिहार के भागलपुर में सरकारी योजना की राशि अवैध तरीके से निकासी कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खातों में ट्रांसफर करने के मामले की जांच में कई परतें खुलती जा रही हैं. जांच में यह बात सामने आयी है कि अवैध तरीके से राशि की निकासी कर उसका ट्रांसफर मुंबई तक […]

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भागलपुर : बिहार के भागलपुर में सरकारी योजना की राशि अवैध तरीके से निकासी कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खातों में ट्रांसफर करने के मामले की जांच में कई परतें खुलती जा रही हैं. जांच में यह बात सामने आयी है कि अवैध तरीके से राशि की निकासी कर उसका ट्रांसफर मुंबई तक किया गया है. मामले को लेकर गुरुवार को इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में बैंक अधिकारियों से पुलिस ने घंटों पूछताछ की. जिला नाजिर अमरेंद्र यादव फरार हो चुका है. जिला प्रशासन द्वारा एक और एफआइआर कराये जाने की तैयारी की जा रही है.

छापेमारी और पूछताछ लगातार जारी
इस मामले में कई रसूखदारों की गरदन फंस सकती है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम और पुलिस द्वारा लगातार छापामारी और पूछताछ जारी है. गुरुवार को पुलिस द्वारा कुछ लोगों को उठाये जाने की सूचना है. पुलिस ने शहर के आदमपुर, खलीफाबाग, तिलकामांझी आदि स्थानों पर छापामारी की. दूसरी ओर इंडियन बैंक के वरीय अधिकारियों ने फैसला लिया है कि संबंधित खाते से हुई निकासी की अपने स्तर से आंतरिक जांच करायी जायेगी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी सौंपी जायेगी.

यह है मामला
ज्ञात हो कि डीएम के फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक से 12 करोड़ 20 लाख 15 हजार 75 रुपये की सरकारी राशि के गबन के आरोप में सृजन महिला विकास सहयोग समिति के सभी पदधारकों और इस धोखाधड़ी में शामिल इंडियन बैंक की तिलकामांझी शाखा के दो शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाते हुए एक दिन पहले मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसके दूसरे दिन सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा पर दो और प्राथमिकी दर्ज की गयी.

प्राथमिकी में कहा गया है कि भू-अर्जन विभाग के एकाउंट से सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड में 270 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये. जिला नजारत के खाता से भी 14 करोड़ 39 लाख 76 हजार छह सौ 43 रुपये का गबन सामने आया. इस मामले की जांच पटना से आर्थिक अपराध इकाई के आइजी जेएस गंगवार के नेतृत्व में की जा रही है.

कई नेताओं की होती थी बैठकी

सूत्र बताते हैं कि विभिन्न लोगों से हुई पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि सृजन संस्था के कार्यालय में कई नेताओं व विभिन्न संगठन के लोगों की बैठकी हुआ करती थी. आर्थिक अपराध इकाई व पुलिस के पदाधिकारियों की ऐसे लोगों पर नजर बनी हुई है.

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