bhagalpur news. एनएसएस स्वयंसेवकों ने चलाया स्वच्छता अभियान, बाबा साहब के सामाजिक न्याय पर हुआ बौद्धिक विमर्श

Updated at : 10 Apr 2026 12:26 AM (IST)
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bhagalpur news. एनएसएस स्वयंसेवकों ने चलाया स्वच्छता अभियान, बाबा साहब के सामाजिक न्याय पर हुआ बौद्धिक विमर्श

टीएमबीयू के सामाजिक विज्ञान संकाय (स्नातकोत्तर एनएसएस इकाई-एक) द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने सेवा और ज्ञान का अनूठा उदाहरण पेश किया

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टीएमबीयू के सामाजिक विज्ञान संकाय (स्नातकोत्तर एनएसएस इकाई-एक) द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने सेवा और ज्ञान का अनूठा उदाहरण पेश किया. प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति व पुरातत्व विभाग में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, कुलगीत और एनएसएस लक्ष्य गीत के साथ हुआ. प्रथम सत्र : परिसर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण उद्घाटन सत्र के बाद कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ उमेश तिवारी के निर्देशन में स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया. स्वयंसेवकों ने ””””खेलो इंडिया”””” इंडोर स्टेडियम, रवींद्र भवन और क्लीवलैंड मेमोरियल परिसर की सफाई की. स्वच्छता के बाद परिसर में स्थित पेड़ों के रंग-रोगन का कार्य किया गया, ताकि परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके. इस दौरान प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ पवन शेखर, डॉ दिनेश कुमार गुप्ता, सहायक सिपिन कुमार और अरविंद मंडल सहित कई गणमान्य उपस्थित थे. द्वितीय सत्र : बाबा साहब भीमराव आंबेडकर व सामाजिक न्याय पर व्याख्यान शिविर के दूसरे सत्र में आंबेडकर विचार व सामाजिक कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संजय रजक ने विषय विशेषज्ञ के रूप में शिरकत की. उन्होंने बाबा साहब के जीवन और उनके सामाजिक न्याय की अवधारणा पर प्रकाश डाला. डॉ रजक ने कहा कि बाबा साहब के विचार किसी विशेष जाति तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक समरसता के वाहक थे. उन्हें स्वयं अपने ब्राह्मण गुरु से ””””आंबेडकर”””” सरनेम मिला था, जो अंतर्संबंधों की प्रगाढ़ता को दर्शाता है. केवल दलित या पिछड़ों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर शोषित और पीड़ित व्यक्ति को बराबरी का सम्मान देना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है. उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे बाबा साहब के विजन को समझने के लिए गहन अध्ययन करें और समाज में निरंतर जागरूकता अभियान चलायें. कार्यक्रम के अंत में डॉ उमेश तिवारी ने व्याख्यान को वर्तमान समय की महती आवश्यकता बताया. डॉ दिनेश कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया. राष्ट्रगान के साथ पांचवें दिन के सत्र का औपचारिक समापन हुआ. आयोजन में आस्था, सृष्टि, अंकित, यशवीन, शिवनंदन, विवेक, अमृता, प्रीति, मुकेश, रिंकू कुमारी, प्रशांत और अखिलेश जैसे स्वयंसेवकों ने सक्रिय व महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

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