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बेतिया राज के भूखंडों पर बड़ी परियोजनाओं को लेकर लगाने की तैयारी

Updated at : 24 Mar 2025 8:48 PM (IST)
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बेतिया राज के भूखंडों पर बड़ी परियोजनाओं को लेकर लगाने की तैयारी

बिहार सरकार के अधिकार में समाहित हुई बेतिया राज की जमीन पर बड़ी परियोजना की तैयारी है.

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अवध किशोर तिवारी, बेतिया

बिहार सरकार के अधिकार में समाहित हुई बेतिया राज की जमीन पर बड़ी परियोजना की तैयारी है. राजस्व पर्षद बेतिया राज के छोटे से लेकर बड़े भूखंडों पर भविष्य की संभावनाओं के तलाश में जुट गया है. अभी हाल हीं में राजस्व पर्षद के अध्यक्ष सह सदस्य के के पाठक के बेतिया दौरा के बाद इस बात को और अधिक बल मिला है. राजस्व पर्षद ने जमीनों का उपयोग किस रुप में किया जाय इस पर मंथन करना आंरभ कर दिया है.

लगातार देश के विभिन्न महानगरों के विकास में अपना योगदान दे रहे संगठनों, विभागों के बड़े अधिकारियों, आर्किटेक्टों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है. जिले के विभिन्न जगहों पर मौजूद बेतिया राज के भूखंडों पर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की वैसी योजनाओं एवं संस्थानों को यहां धरातल पर उतारने की योजना बनायी जा रही है. पिछले दिनों राजस्व पर्षद के अध्यक्ष के बेतिया आगमन के दौरान दिल्ली से एनआईयूए (नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ अरबन एफेयर्स) की दो सदस्यीय टीम भी आई थी. टीम को शहरी विकास के अलावा वैसी योजनाओं पर प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा गया है, जो इस क्षेत्र के विकास में अहम योगदान दे सके. एनआईयूए शीघ्र ही अपना प्रोजेक्ट राजस्व पर्षद को सौंपेगी. जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय की मानें तो पूर्व में अक्सरहा होता रहा है कि बिहार में सरकारी भूमि की कमी के कारण राष्ट्रीय स्तर की कई परियोजना बिहार से बाहर क्रियान्वित किये जा रहे थे, लेकिन अब केवल बेतिया एवं इसके इर्द गिर्द भूखंडों की भरमार हो गयी है. भूमि उपलब्ध नहीं होने के चलते जिन योजनाओं को कार्यरूप नहीं दिया जा रहा था अब उन परियोजनाओं को क्रियान्वित कराने में काफी सहुलियत होगी. 21 मार्च को राजस्व पर्षद के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारियों की हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में इस बात की जानकारी दी गई है.

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20 एकड़ से अधिक की भूमि का डाटाबेस तैयार

जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय ने बताया कि बेतिया राज की वैसी जमीन जो 50 एकड़ एवं 20 एकड़ से अधिक की है, उसका अलग-अलग डाटाबेस तैयार कराया जा रहा है. ताकि उसका अलग-अलग उपयोग किया जा सके. वहीं अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह दिल्ली में राजस्व पर्षद के अध्यक्ष के साथ केंद्र सरकार के सचिव स्तर के अधिकारियों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जानी है. इस बैठक में भूमि की उपयोगिता से संबंधित निर्णय लिया जाएगा. इसमें यह बताया जा सकेगा कि कौन-कौन विभाग एवं मंत्रालय अपने अपने उपक्रमों को लगाना चाहता है. जिलाधिकारी श्री राय के अनुसार केंद सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं, जो बिहार में भूमि के नहीं होने के चलते दक्षिण भारत के राज्यों में शिफ्ट कर दिया जाता है. अब ऐसी समस्या उत्पन्न नहीं होने वाली है. वैसी संस्थानों के लिए यहां भूमि उपलब्ध कराई जाएगी. इससे क्षेत्र के विकास होने के साथ -साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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