₹1200 गृहकर और टोल टैक्स पर CPI(M) का बड़ा ऐलान, नहीं मानी सरकार तो होगा आंदोलन

Author गणेश|Edited by Aaruni Thakur
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सिर्फ डिजिटल के लिए..22 को बेतिया में प्रधानमंत्री का पुतला दहन, 10 अगस्त को समाहरणालय घेराव व जेल भरो आंदोलन का ऐलान

बैठक में नेतागण

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित ₹1200 वार्षिक गृहकर और टोल टैक्स का कड़ा विरोध किया है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 22 जुलाई को पुतला दहन और 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा.

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Bettiah News: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की बैरिया लोकल कमिटी की बैठक बैरिया के सरपंच सुनील यादव के आवास पर मदन प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में पार्टी नेताओं ने प्रस्तावित गृहकर, टोल टैक्स और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा.

₹1200 वार्षिक गृहकर और टोल टैक्स का विरोध

बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के बिहार राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार गांवों के प्रत्येक घर पर 1,200 रुपये वार्षिक टैक्स तथा राज्य स्तरीय सड़कों पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है.

उन्होंने इसे गरीब, किसान और मजदूर विरोधी कदम बताते हुए कहा कि लोग पहले से भूमि की मालगुजारी दे रहे हैं और उसमें भी बढ़ोतरी की जा चुकी है. ऐसे में नया टैक्स लगाना उचित नहीं है.

आंदोलन की दी चेतावनी

पार्टी नेता ने कहा कि यदि सरकार प्रस्तावित निर्णय वापस नहीं लेती है, तो 22 जुलाई को बेतिया जिला मुख्यालय में प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा.

इसके बाद 10 अगस्त को समाहरणालय घेराव और जेल भरो आंदोलन आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब तक प्रस्तावित गृहकर और टोल टैक्स वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

किसानों की समस्याएं भी उठाईं

बैठक में किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया. प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि धान रोपनी के मौसम में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है और एक बोरी यूरिया 700 रुपये तक में बेची जा रही है.

उन्होंने प्रशासन पर कालाबाजारी रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की.

संगठन मजबूत करने पर भी हुई चर्चा

बैठक में बैरिया लोकल कमिटी के मंत्री सुनील यादव ने संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की. इस पर संजय राव, अशर्फी पटेल, हरिशंकर यादव, काशी साह और मिश्री यादव सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे.

बैठक में प्रस्तावित आंदोलनों को सफल बनाने और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

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गणेश वर्मा

लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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