किशोर की मौत बाद मझौलिया में दर्द और आक्रोश की देखी गयी मिली-जुली कहानी
Published by : SATISH KUMAR Updated At : 28 Jan 2026 6:23 PM
स्थानीय बाजार की संध्या हमेशा की तरह हलचल और उत्साह से भरी थी, लेकिन मंगलवार को यह हलचल अचानक चीख-पुकार और दर्द में बदल गई.
मझौलिया. स्थानीय बाजार की संध्या हमेशा की तरह हलचल और उत्साह से भरी थी, लेकिन मंगलवार को यह हलचल अचानक चीख-पुकार और दर्द में बदल गई. 13 वर्षीय अमित कुमार उर्फ मिठु, साइकिल पर घर लौट रहा था, तभी तेज़ रफ्तार से आ रही गन्ना लदी डोजर ने उसे चपेट में ले लिया. घटना स्थल पर ही मिठु की मौत हो गई. इस हादसे की खबर फैलते ही लोग गुस्से से आगबबूला हो उठे. हाथों में लाठी, डंडा और गन्ना लदी ट्रॉली लेकर वे सड़कों पर उतर आए. चार घंटे तक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. लोगों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ, पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. दंगा नियंत्रण वाहन और क्विक एक्शन पुलिस फोर्स ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की. डीएसपी विवेक दीप ने हालात को समझदारी से संभाला और लोगों को शांत कराया. मिठु का परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों में था. पिता कर्नाटक में मजदूरी कर रहे हैं और छह महीने से घर नहीं लौटे. परिवार में मिठु पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर का था. उसकी मां रंभा देवी की आँखें लगातार नम थीं, और घर में गम का माहौल पसरा हुआ था. मिठु की मौत ने न केवल इस गरीब परिवार को अपार दुःख में डुबो दिया, बल्कि पूरे मझौलिया बाजार में गम और आक्रोश की लहर दौड़ा दी. इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अनिवार्यता और तेज़ रफ्तार के खतरों को उजागर किया.
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