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Bettiah : सरेया मन पक्षी विहार के चारों ओर बनेगा हरित घेरा, संरक्षित होगी झील के पानी की मिठास की विरासत

Updated at : 28 Dec 2025 10:49 PM (IST)
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Bettiah : सरेया मन पक्षी विहार के चारों ओर बनेगा हरित घेरा, संरक्षित होगी झील के पानी की मिठास की विरासत

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से वनों के विस्तार और हरित बिहार योजना के तहत बेतिया वन प्रमंडल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण की योजना तैयार की गई है.

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–हरित बिहार योजना के तहत बेतिया वन प्रमंडीय क्षेत्र में पांच हजार से अधिक पौधों का होगा रोपण

–सरेया मन पक्षी विहार के आसपास हरियाली बढ़ाने की तैयारी, लगाये जायेंगे जामुन, पुत्ररंजीवा और अन्य औषधीय पौधे

बेतिया . वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से वनों के विस्तार और हरित बिहार योजना के तहत बेतिया वन प्रमंडल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण की योजना तैयार की गई है. इसके तहत इस वन प्रमंडल क्षेत्र में करीब 5 हजार नए पौधे लगाए जाएंगे. इसमें उदयपुर प्रखंड स्थित सरेया मन पक्षी विहार के चारों ओर पौधारोपण को विशेष प्राथमिकता दी जायेगी. सरेया मन झील के किनारे पूर्व से लगाए गए जामुन के वृक्षों का दायरा और बढ़ाया जाएगा. विभागीय अधिकारियों के अनुसार जामुन के वृक्ष झील के पानी की प्राकृतिक मिठास बनाए रखने में सहायक होते हैं. कभी सरेया मन झील का मीठा पानी बेतिया के मीना बाजार में बिक्री के लिए प्रसिद्ध था. विभाग का उद्देश्य झील की इसी पुरानी पहचान और विरासत को दोबारा लौटाना है. पौधारोपण से सरेया मन में विकसित प्रकृति व्याख्या केंद्र की सुंदरता और जैव विविधता में भी इजाफा होगा. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इसी योजना के तहत उदयपुर वन क्षेत्र में औषधीय गुणों से भरपूर पुत्र रंजीवन (पुत्रजीवक) के संरक्षण और संवर्धन के लिए 500 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे. यह पौधा औषधीय महत्व के साथ पारिस्थितिकी संतुलन में भी अहम भूमिका निभाता है. दुलर्भ औषधीय गुणों से भरपूर पौधों को उदयपुर वन अंतर्गत नर्सरी में तैयार किया गया है. इन प्रमुख प्रजातियां के पौधों में अन्य औषधीय पौधों के अलावा जामुन, पुत्र रंजीवा समेत कई आदि प्रमुख प्रजातियों के पौधे लगाये जायेंगे. पौधरोपण का प्राथमिक क्षेत्र सरेया मन पक्षी विहार और उदयपुर वन के अलावा वन प्रमंडल के अधीन विभिन्न क्षेत्र शामिल किये जायेंगे. उल्लेखनीय है कि देश के 96 स्थलों में उदयपुर वन का सरेया मन पक्षी बिहार भी शामिल है. रामसर स्थल किसी एक जगह नहीं, बल्कि भारत के विभिन्न राज्यों में फैली हुई आर्द्रभूमियां हैं, जिन्हें संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है.

हरित बिहार योजना के तहत बेतिया वन प्रमंडल क्षेत्र में 5 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा. इसमें सरेया मन पक्षी विहार के आसपास जामुन तथा उदयपुर वन क्षेत्र में औषधीय गुणों से भरपूर पुत्र रंजीवन के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसका विशेष उद्देश्य सरेया मन झील की मिठास को बरकरार रखना है और जैव विविधता का संरक्षण करना है.

पंकज कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेतिया

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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