पकड़ा गया आदमखोर बाघ, भेजा गया पटना चिड़ियाघर

वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के मंगुराहा रेंज के जंगल से भटका आदमखोर बाघ को काफी प्रयास के बाद पकड़ लिया गया है.
प्रतिनिधि,गौनाहा (पचं)वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के मंगुराहा रेंज के जंगल से भटका आदमखोर बाघ को काफी प्रयास के बाद पकड़ लिया गया है. वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि एक सप्ताह बाद बाघ को पकड़ लिया गया है. उसे चिड़ियाघर पटना भेज दिया गया है.
उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए लगातार तीन दिन से डीएफओ सुमन प्रधान, डॉ संजीव कुमार, डॉ मनोज कुमार, डॉ राकेश कुमार और बायोलॉजिस्ट रेंजर सुनील कुमार पाठक और पूरे वनकर्मी दो हाथियों के साथ बाघ पकड़ने वाले सारे तंत्र व टाइगर टेकर लगाये गये थे. बाघ ने एक महीने से जंगल के रिहाइशी इलाके के ग्रामीणों व 10 किलोमीटर तक के लोगों का जीना मुहाल कर दिया था. लोगों को घर से निकालना, खेत खलिहान जाना, मवेशियों के लिए चारा घास लाने जाना मुश्किल कर दिया था.
बाघ ने कैरी के रामकिशुन महतो, बनहवा मटियरिया के भगन मांझी को मारने के बाद कई मवेशियों का शिकार किया था. इसको लेकर इस इलाके में काफी भय का माहौल व्याप्त हो गया था. आए दिन वनकर्मियों द्वारा अनाउंसमेंट किया जा रहा था कि रात में घर से बाहर नहीं निकलना है. अकेले मवेशियों को लेकर सरेह में नहीं जाना है. काफी प्रयास के बाद सिसई हाईस्कूल के पीछे से पंडई नदी के किनारे गन्ने के खेत से बाघ को पकड़ा गया है. अब लोगों ने राहत की सांस ली है.
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