नौतन. अंचल के सुदूरवर्ती, दियारावती व गंडक तटवर्ती क्षेत्र में स्थित भगवानपुर पंचायत के विश्वम्मपुर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. यहां के लोग पिछले कई दशकों से नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. विश्वम्मपुर को जोड़ने वाली प्रमुख नदी पर अब तक पुल नहीं बनने के कारण स्थानीय लोगों को नाव के सहारे जोखिम भरा सफर तय करना पड़ता है. हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से पुल निर्माण की गुहार लगाई, लेकिन परिणाम सिफर रहा. अब फिर से विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो रही है, तो यहां के लोग इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. यह पुल इस बार मुद्दा बन सकता है. स्थानीय लोक संघर्ष समिति के पंकज और देवदत्त राम ने बताया कि ग्रामीणों ने इस बार चुनाव बहिष्कार तक की चेतावनी दी है और उम्मीदवारों का घेराव कर पुल निर्माण की ठोस योजना की मांग करेंगे. विशेष रूप से बाढ़ के समय भगवानपुर वार्ड संख्या 4 के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.उस दौरान नाव भी चलना मुश्किल हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और खासकर बीमार व्यक्तियों के लिए आवागमन एक बड़ी चुनौती बन जाती है.इलाज के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, कभी-कभी समय पर इलाज नहीं मिलने से जान तक चली जाती है. स्थानीय प्रशासन से लेकर जिले के वरीय अधिकारियों तक बार-बार आवेदन दिया गया, लेकिन परिणाम सिर्फ फाइलों में सीमित रह गया.ग्रामीणों का कहना है कि अब वे झूठे वादों में नहीं आने वाले.जब तक लिखित रूप से पुल निर्माण की योजना और समयसीमा घोषित नहीं की जाती, तब तक वे किसी भी राजनीतिक दल को वोट नहीं देंगे. पुल निर्माण की यह मांग अब सिर्फ एक विकास की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के जीवन और मृत्यु से जुड़ा मुद्दा बन गया है.इस बार के चुनाव में यह मुद्दा निर्णायक भूमिका निभा सकता है.
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