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करगिल युद्ध में शौर्य, पराक्रम और साहस से जीत सुनिश्चित की भारतीय सेना

Updated at : 26 Jul 2024 8:59 PM (IST)
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करगिल युद्ध में शौर्य, पराक्रम और साहस से जीत सुनिश्चित की भारतीय सेना

जिले में कारगिल विजय दिवस पर शहर से गांव तक विविध कार्यक्रम आयोजित किये गये.

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बेतिया. जिले में करगिल विजय दिवस पर शहर से गांव तक विविध कार्यक्रम आयोजित किये गये. इस दौरान वीर शहीदों को नमन करते हुए उनको श्रद्धांजलि भी दी गयी. जबकि भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया.

करगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के द्वारा बेतिया नगर के महाराजा पुस्तकालय के सभागार में रिटायर सैनिकों को सम्मानित किया गया साथ ही जिलाध्यक्ष अभिषेक यादव के नेतृत्व में कारगिल विजय मशाल जुलूस निकाला गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कल्याणपुर के पूर्व विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आज हम कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. करगिल युद्ध में विकट परिस्थितियों का सामना करते हमारे बहादुर सैनिकों ने दुश्मन के दांत खट्टे कर विश्व विजयी तिरंगा झंडा लहरा कर देश का गौरव बढ़ाया. भाजपा जिलाध्यक्ष रूपक श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की सैन्य शक्ति को मजबूत करने का सपना देखा था,उस सपने को पीएम नरेंद्र मोदी साकार कर रहे हैं. सेना को अत्याधुनिक हथियार व संसाधन मुहैया करा कर सैन्य शक्ति को मजबूत किया जा रहा है. सेना के बल पर ही हम भारतवासी अपने आप को गौरवान्वित और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस शौर्य, पराक्रम और साहस से जीत सुनिश्चित की इस भावना से प्रेरित होकर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित की गई है. इसमें सैनिक प्रकोष्ठ के संयोजक हरीश चंद्र राव के नेतृत्व में सैकड़ों रिटायर सैनिक कार्यक्रम में भाग लिए व सभी को भाजयुमो द्वारा सम्मानित किया गया. मौके पर भाजपा के मुन्ना तिवारी, मनोज सिंह, समृद्ध वर्मा, प्रवीण श्रीवास्तव व राहुल कुमार, अविनाश कश्यप व किशन श्रीवास्तव, दिलीप कुशवाहा, लवकुश कुशवाहा, भाष्कर भारद्वाज,आकाश श्रीवास्तव, आशीष कुशवाहा, रवि किशन सहित सैकड़ों युवा उपस्थित रहे. इधर पूर्व सैनिक संघ के तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व मिसाइल इंजीनियर विजय कश्यप,वायु सैनिक ने की. उन्होंने कहा कि 26 जुलाई 1999 विश्व की सबसे बड़ी सामरिक जीत की याद में आज भारत में सिल्वर जुबली के रूप में कारगिल दिवस एवं अपने शहीद सैनिकों को याद किया. आज पूर्व सैनिक संघ ने जिला प्रशासन से जिला मुख्यालय पर सोल्जर बोर्ड की मांग की, वॉर मेमोरियल के लिए जगह आवंटित करने एवं सैनिकों के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदत कैंटीन सुविधाओं की मांग की. वहीं आज प्रेस वार्ता में बोलते हुए पूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष कैप्टन हरिश्चंद्र राव एवं विजय कश्यप ने संयुक्त रूप से आगामी 16 दिसंबर विजय दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया तथा संचालन सूबेदार मेजर मुन्ना सिंह ने किया.

करगिल युद्ध विजय दिवस नहीं, शहादत दिवस मनावें : प्रभुराज

माकपा नेता प्रभुराज नारायण राव ने जारी बयान में कहा है कि करगिल युद्ध एनडीए सरकार के प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के शासन काल में तीन मई से 26 जुलाई तक 1999 में हुआ था. 3 मई 1999 को हमारे सैनिक करगिल के बंकरों को पाकिस्तानी सैनिकों से खाली कराने के लिए आगे बढ़े. वहीं पाकिस्तान के सैनिक हमारे बंकरों के सहायता से हमारे सैनिकों पर हमले करना शुरू कर दिए. यह युद्ध 26 जुलाई 1999 तक चला. इसमें हमारे हजारों सैनिक शहीद हो गए और हजारों की संख्या में सैनिक घायल हुए, तब जाकर हम करगिल को बचा पाए. हम आज के दिन उन शहीदों को याद करते हैं. उन्हें नमन करते हैं. उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. इसलिए सरकार इसे शहादत दिवस के रूप में मनावें.

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