Bihar Wildlife News: पर्यटन सत्र खत्म होते ही वन्यजीवों को मिला प्राकृतिक माहौल, वीटीआर में बढ़ी हलचल

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पर्यटकों की विदाई के बाद मुस्कुराया जंगल

वीटीआर में स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव। | Prabhat Khabar Network

पर्यटन सत्र खत्म होते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में वन्यजीवों को मिला प्राकृतिक माहौल. मानसून के कारण जंगल सफारी बंद होने से वन्यजीवों की गतिविधियों में आई वृद्धि और दिखा प्राकृतिक संतुलन.

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West Champaran News: पर्यटन सत्र समाप्त होने के बाद वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) का जंगल पूरी तरह बदल गया है. मानसून के कारण तीन महीने के लिए जंगल सफारी बंद होने के बाद अब बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल समेत कई वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास में बिना किसी व्यवधान के स्वच्छंद विचरण करते नजर आ रहे हैं.

सफारी बंद होने से जंगल में लौटी शांति

पर्यटन सत्र के दौरान प्रतिदिन चलने वाले सफारी वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही से जंगल में लगातार हलचल रहती थी. प्रकृति प्रेमी मनोज कुमार ने बताया कि इससे वन्यजीवों का सामान्य व्यवहार प्रभावित होता है और वे घने जंगलों में छिपे रहने को मजबूर हो जाते हैं.

उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियां बंद होने के बाद जंगल का वातावरण शांत और प्रदूषण मुक्त हो गया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव वन्यजीवों के व्यवहार में स्पष्ट दिखाई दे रहा है.

खुले क्षेत्रों में बढ़ी वन्यजीवों की सक्रियता

इन दिनों जंगल के मुख्य मार्गों और कम सघन क्षेत्रों में वन्यजीव अधिक संख्या में दिखाई दे रहे हैं. ध्वनि और वायु प्रदूषण कम होने से वे पहले की तुलना में अधिक सहज और निर्भय होकर विचरण कर रहे हैं.

मानसून में मिलता है प्राकृतिक संतुलन

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि जंगल प्रकृति का अनुपम उपहार है और वन्यजीव उसकी सबसे बड़ी पहचान हैं. शांत वातावरण मिलने से वन्यजीवों की गतिविधियां स्वाभाविक रूप से बढ़ गई हैं.

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान पर्यटन पर रोक लगने से वन्यजीवों को प्रजनन, भोजन और स्वतंत्र विचरण का अनुकूल वातावरण मिलता है. इससे जंगल का प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है.


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