भारतीय थारू कल्याण महासंघ के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद का निधन, थरुहट और बगहा क्षेत्र में शोक की लहर

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दीप नारायण प्रसाद

दीप नारायण प्रसाद दीप नारायण प्रसाद

Deep Narayan Prasad Pass Away: भारतीय थारू कल्याण महासंघ के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष और थारू समाज के कद्दावर नेता दीप नारायण प्रसाद का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया. थारू समाज को एसटी का दर्जा दिलाने में उनकी अहम भूमिका थी. पढ़ें पूरी खबर…

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Deep Narayan Prasad Pass Away: थारू समाज के प्रखर नेता और भारतीय थारू कल्याण महासंघ के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद का निधन हो गया है. वह 88 वर्ष के थे और पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां शनिवार सुबह करीब छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे थरुहट क्षेत्र और बगहा में शोक की लहर दौड़ गई है. वे अपने पीछे तीन पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं.

थारू समाज को अधिकार दिलाने में निभाई अहम भूमिका

दीप नारायण प्रसाद को थारू समाज में ‘थारूओं के नेता’ के रूप में जाना जाता था. उन्होंने समाज की बेहतरी और थरुहट क्षेत्र के विकास के लिए जीवनभर संघर्ष किया:

  • एसटी का दर्जा दिलाने में योगदान: थारू समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने वाले आंदोलन में उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाई थी.
  • महासंघ का 10 वर्षों तक नेतृत्व: उन्होंने भारतीय थारू कल्याण महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष के रूप में लगातार करीब दस वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं. उनके कार्यकाल में संगठन का व्यापक विस्तार हुआ और थारू समाज की आवाज प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक मजबूती से पहुंची.
  • नेतृत्व के लिए त्याग: वर्ष 2025 में हुए महासंघ के चुनाव के दौरान उन्होंने खुद अपना नाम वापस ले लिया था, ताकि युवाओं और नए चेहरों को नेतृत्व करने का अवसर मिल सके. उनके बाद शैलेंद्र गढ़वाल महासंघ के नए केंद्रीय अध्यक्ष बने.

शिक्षक से लेकर राजनीतिक सफर तक

सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ-साथ दीप नारायण प्रसाद का शैक्षणिक और राजनीतिक जीवन भी बेहद समृद्ध रहा:

  • प्रधानाध्यापक पद से हुए थे सेवानिवृत्त: वे मूल रूप से एक शिक्षक थे और वर्ष 2007 में उच्च विद्यालय, हरनाटांड़ से प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. रिटायरमेंट के बाद वे पूरी तरह सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए.
  • लड़ा था विधानसभा चुनाव: समाज सेवा के साथ-साथ उन्होंने राजनीतिक पटल पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था.

उनके निधन पर थरुहट क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे थारू समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.

बगहा से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट

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Aaruni Thakur

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By Aaruni Thakur

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