ePaper

Bihar Flood: गंडक बराज से छोड़ा गया तीन लाख 42 हजार क्यूसेक पानी, दियारा इलाका डूबा

Updated at : 14 Jul 2024 11:29 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar Flood

Bihar Flood: नया गांव बिनवलिया टोली, उदही-चिउरही, नैनहा दियारा आदि गांव में लोगों का घर गंडक पानी घरों में घुस गया है. लोग ऊंचा स्थान पर जैसे धनहा-रतवल मुख्य मार्ग अपने पशुओं को भी लोग ऊंचे स्थान पर रख रहे हैं.

विज्ञापन

Bihar Flood: इजरायल अंसारी, बगहा. गंडक बराज वाल्मीकिनगर से तीन लाख 42 हजार क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़े जाने के बाद गंडक दियारा के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुसने से जलमग्न हो गए हैं. इतना ही नहीं पशुओं का चारा भी नहीं मिल रहा है. जिसे पशु भी परेशान है. जी हां सपना नहीं हकीकत है. गंडक दियारा के नदी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से डूब गए हैं. जिसके चलते लोग ऊंचे स्थान धनहा-रतवल मुख्य मार्ग पर अपने बाल बच्चों के साथ शरण लोग ले रहे हैं.

बाढ़ से डूबा कई गांव

प्रभात खबर के संवाददाता इजरायल अंसारी जब नदी थाना क्षेत्र के नया गांव बिनवलिया टोली, उदही-चिउरही, नैनहा दियारा आदि गांव का जब दौरा किया तो देखा कि लोगों का घर गंडक पानी घरों में घुस गया है. लोग ऊंचा स्थान पर जैसे धनहा-रतवल मुख्य मार्ग अपने पशुओं को भी लोग ऊंचे स्थान पर रख रहे हैं. इतना ही नहीं कितना लोग मचान बनाकर अपने घर के दरवाजे पर या घर के ऊपर शरण लिए हैं. ग्रामीणों ने बताया कि बलुआ रेता, वीरता, सिसही, रत्नमाला रेता, कठहवा, पटियहवा,बगहवा टांड़, रतवल आदि दियारा क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूबा हुआ. सबसे ज्यादा क्षति धान, गन्ना की फसल को होगी, जो अधिक दिन पानी रहने के चलते के फसल सड़-गल व बर्बाद हो जाएंगे. जिससे किसानों को आर्थिक क्षति होगी.

Also Read: Patna Airport: पटना एयरपोर्ट से 24 साल बाद शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान, इन देशों के लिए हवाई सेवा जल्द

कमर से लेकर मुंह तक बह रहा है इन गांवों में बाढ़ का पानी

समाजसेवी व सरपंच प्रतिनिधि जगन्नाथ यादव ने बताया कि गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद रजवटिया रेता, खैरटवा, सोहगीबरवा, चंदरपुर भिड़ारी, गद्दीयानी टोला, नरहवा आदि गांव में आज भी कमर से लेकर मुंह तक पानी बाढ़ का बह रहा है. जिससे ग्रामीण जनता परेशान है. एक तरह से देखा जाए तो यह गांव टापू की तरह बन गया है. चारों तरफ बाढ़ का पानी ही पानी नजर आ रहा है. ऐसे में पशुओं का चारा भी मिलना दुर्लभ है. किसान व लोग ऊंचे स्थान पर पलायन कर प्लास्टिक का पॉलीथिन तान कर गुजर बसर कर रहे है. उन्होंने प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों को अनाज व आपदा प्रबंधन से मुआवजा की मांग किया है.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन