मुंबई इंडियंस के लकी चार्म बने तिलक वर्मा, हार्दिक ने कहा-टीम को इसकी सख्त जरूरत थी
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 21 Apr 2026 1:23 PM
लकी चार्म बने तिलक वर्मा
Tilak Varma : आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए तिलक वर्मा आशा की नई किरण बनकर आए हैं, जिन्होंने 5 बार की विजेता टीम को उसके खराब दौर से निकालने की कोशिश की है. उन्होंने टीम में नई जान फूंकी है. आईपीएल में उनका पहला शतक इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है.
Tilak Varma : मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो मैच खेला गया, उसमें मुंबई ने ना सिर्फ 99 रन से जीत दर्ज की है, बल्कि इस मैच ने टीम में नई जान फूंक दी है. टीम को एक बार फिर से लड़ने का जज्बा मिला है और यह सबकुछ हो पाया है मैच के | प्लेयर ऑफ द मैच तिलक वर्मा की वजह से.
तिलक वर्मा ने शानदार शतक जड़ा
तिलक वर्मा ने अपने बल्ले से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक तरह से जादू किया और अपनी टीम को फिर से ट्रैक पर ले आये. उन्होंने 224.44 के स्ट्राइक रेट से बिना आउट हुए 101 रन बनाए. उनका यह स्कोर 45 गेंदों में बना, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल थे. तिलक वर्मा ने एक तरह से अपनी टीम के माथे पर विजयी भव का आशीर्वाद चस्पां कर दिया है. जीत के बाद जब उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड मिला तो उन्होंने अपने पहले शतक पर खुशी जाहिर की. तिलक के कहा कि पहला शतक हमेशा स्पेशल रहेगा. सच कहूं तो, यह हमारे लिए बहुत जरूरी था. हमारी टीम के पास ज्यादा टाइम नहीं है. हर गेम हमारे लिए ज़रूरी है. पिछले पांच मैच में मैं कुछ खास नहीं कर पाया, लेकिन यह हमारे लिए बहुत अहम मैच था. मैं प्रेशर में था, इसलिए सिर्फ अपनी स्किल का इस्तेमाल किया.
तिलक ने 23 गेंदों में 82 रन बनाए
मुंबई की शुरुआत बहुत खराब रही थी. तिलक वर्मा भी जब खेलने आए थे, तो काफी प्रेशर में थे और उन्होंने अपनी पहली 22 गेंदों पर 19 रन बनाए थे. बाद में उन्होंने 23 गेंदों में 356.52 के औसत से 82 रन बनाए. वे मुंबई के सबसे तेज शतक बनाने वालों की सूची में भी शामिल हो गए हैं. तिलक के शतक से टीम का उत्साह बढ़ा है और टीम के कप्तान हार्दिक पांड्या ने कहा कि इसकी बहुत जरूरत थी. तिलक में जिस तरह का टैलेंट है, उसे सच में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. इसलिए मैं उन्हें बस यही मैसेज देता रहा कि तुम बस बॉल को देखो और चाहे कुछ भी हो, बॉल को हिट करो, क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उनके बल्ले से जिस तरह की बॉल निकलती है वह वाकई कुछ खास है. अब समय आ गया था कि वह आएं और कुछ अच्छा करें.तिलक के पास ज़्यादातर कम रिस्क वाली टेक्निक है. 20वां ओवर जबरदस्त था, तिलक 80 रन पर थे और मुंबई का स्कोर 177/5 था।). बैटर के लिए सेंचुरी और टीम के लिए 200 – दोनों ही साइकोलॉजिकली हौसला बढ़ाने वाले माइलस्टोन – पहुंच में थे और तिलक ने दोनों लक्ष्य पूरा किया.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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